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बीएचयू अस्पताल: इमरजेंसी के चिल्ड्रेन वार्ड में जमीन पर नवजात बच्ची, ऑक्सीजन लगाकर किया गया इलाज

Thu, 16 Sep 2021 11:25 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 16 Sep 2021 11:25 AM IST
सार

बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में चिल्ड्रेन वार्ड का हाल सामने आई यह तस्वीर बयां कर रही है। चार माह की बच्ची को तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।

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four-month-old newborn girl was treatment with oxygen on ground in children ward BHU hospital emergency
नवजात बच्ची का जमीन पर ऑक्सीजन लगाकर इलाज किया गया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू अस्पताल में नवजात बच्चों की सेहत को लेकर लगातार लापरवाही बरती जा रही है। कभी मेज तो कभी स्ट्रेचर पर इलाज करना पड़ रहा है। बुधवार को हद तब हो गई जब इमरजेंसी में चिल्ड्रेन वार्ड के गेट पर चार महीने की बच्ची का जमीन पर इलाज करना पड़ा। बच्ची को तेज बुखार था और उसे ऑक्सीजन भी लगाया गया था।

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बिहार के भभुआ से बच्ची को लेकर परिजन बीएचयू की इमरजेंसी में पहुंचे। पर्चा कटाकर चिल्ड्रेन वार्ड पहुंचे तो पता चला कि बेड खाली नहीं है। जिसके बाद गेट पर ही जमीन पर लिटाकर बच्ची को ऑक्सीजन सिलिंडर लगा दिया गया। मजबूरन परिजन करते भी क्या। इसके अलावा वार्ड में तीन महिलाएं मेज पर बच्चे को लेकर बेड खाली होने का इंतजार करते दिखीं। 
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दूसरे जिलों के मरीज भी पहुंच रहे
डेंगू और वायरल फीवर से ग्रसित बच्चों के लिए सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में बनाए गए वार्ड में बेड खाली मिले। चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात थे, लेकिन वार्ड में कोई बच्चा भर्ती नहीं था। बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी और ओपीडी में मरीजों की बढ़ती भीड़ के आगे सुविधाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। सबसे अधिक परेशानी बच्चों को हो रही है। हालत यह है कि वाराणसी समेत आसपास के जिलों के साथ ही बिहार से भी लोग बच्चों को इलाज के लिए लेकर आ रहे हैं। 

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30 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड खाली
आठ सितंबर को बीएचयू अस्पताल के एमएस की ओर से आदेश जारी कर बच्चों के लिए 30 बेड का वार्ड बनाने को कहा गया था। बुधवार को सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में बच्चों के लिए बने पीडियाट्रिक डेंगू वार्ड में दो बजे तक कोई भी बच्चा भर्ती नहीं था। छह से आठ पैरामेडिकल स्टाफ भी बैठे थे। कुछ दवाइयां और एक कमरे में जांच से जुड़े उपकरण भी थे। अब बुखार सहित अन्य संक्रामक बीमारियों से ग्रसित बच्चों को यहां क्यों नहीं भर्ती किया जा रहा है। हालांकि इस बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है।

प्रभारी वीसी बोले- बच्चों का बेहतर इलाज होगा
बच्ची का जमीन पर इलाज और वार्ड खाली होने के मामले में जब प्रभारी वीसी प्रो. वीके शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने पहले तो कहा कि सुपरस्पेशियलिटी में बच्चों के लिए अलग वार्ड बना है। वहां इलाज की व्यवस्था की गई है, लेकिन जैसे ही यह पता चला कि सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में बेड खाली हैं तो उन्होंने कहा इसको लेकर एमएस से बातचीत की जाएगी। बताया कि अस्पताल में बच्चों का बेहतर इलाज किया जाएगा।

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