Varanasi: चार दिन में साढ़े चार हजार पर्यटकों ने स्थगित की बनारस यात्रा, आखिर कारण क्या है?
वाराणसी जिसे बनारस या काशी के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर भारत के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। बनारस घरेलू पर्यटकों की पहली पसंद में शामिल है। पिछले चार दिन में साढ़े चार हजार पर्यटकों ने बनारस यात्रा स्थगित की है।
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वाराणसी जिसे बनारस या काशी के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर भारत के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है। बनारस घरेलू पर्यटकों की पहली पसंद में शामिल है। हालांकि पिछले चार दिन में साढ़े चार हजार पर्यटकों ने बनारस यात्रा स्थगित की है। इसे आगे और बढ़ने की आशंका है। दरअसल, वाराणसी में गंगा की लहरें अब पर्यटकों को डरा रहीं हैं। यही वजह है कि बनारस आने की तैयारी में जुटे पर्यटकों ने यात्रा स्थगित कर दी है।
टूर ऑपरेटर व होटल कारोबारियों के मुताबिक पिछले चार दिन में साढ़े चार हजार पर्यटकों ने बुकिंग रद्द कराई है। गंगा में नौका परिचालन बंद होने की वजह से पर्यटक फिलहाल काशी की यात्रा करने से परहेज कर रहे हैं। दिल्ली निवासी मुकेश ने बताया कि उन्होंने परिवार के साथ सावन में काशी विश्वनाथ धाम आने का कार्यक्रम बनाया था।
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गंगा में नौकायन बंद होने से पर्यटक मायूस
जानकारी मिली की गंगा में नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई है, इसकी वजह से कार्यक्रम स्थगित कर दिया। वाराणसी टूरिज्म गिल्ड के प्रवीण मेहता व पंकज सिंह बताया कि गंगा में नौका परिचालन बंद होने से पर्यटक मायूस हैं।
पर्यटकों का कहना है कि जिस बनारस को वो देखने आ रहे हैं, नौका परिचालन बंद होने से वंचित होना पड़ रहा है। होटल कारोबारी विजय जायसवाल ने बताया कि पर्यटकों के कार्यक्रम रद्द करने का असर क्रूज की बुकिंग पर भी पड़ा है।
बनारस में घूमने की जगहें
वाराणसी अपने कई विशाल मंदिरों के अलावा घाटों और अन्य कई लोकप्रिय स्थानों से हर साल यहां आने वाले लाखों पर्यटकों को बेहद आकर्षित करता है। ये जगह न केवल भारतियों को बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी काफी पसंद आती है।
काशी विश्वनाथ धाम, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, मणिकर्णिका घाट, मान मंदिर घाट, दुर्गाकुंड मंदिर, नमो घाट, तुलसी मानस मंदिर, नेपाली मंदिर ललिता घाट, संकट मोचन मंदिर, रामनगर किला, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, भारत माता मंदिर, मृत्युंजय महादेव मंदिर, टीएफसी आदि घूमने की जगहें हैं।