फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   former minister Gayatri Prajapati application in varanasi court in threat case

Varanasi Court News: धमकी मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति ने आरोप मुक्त करने की दी कोर्ट में अर्जी

Fri, 30 Sep 2022 09:21 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 30 Sep 2022 09:21 PM IST
सार

बालू खनन टेंडर का कमीशन न देने पर धमकी देने और साक्ष्य मिटाने के आरोपी पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने वाराणसी कोर्ट में आरोप मुक्त की अर्जी दी है। इसी मामले में बीते दिनों आरोपी की जमानत अर्जी खारिज हुई थी।

विज्ञापन
former minister Gayatri Prajapati application in varanasi court in threat case
गायत्री प्रसाद प्रजापति - फोटो : फाइल

विस्तार

पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम/एमपी-एमएलए कोर्ट  में आरोप मुक्त की अर्जी दी है। टेंडर का कमीशन नहीं देने पर धमकी और साक्ष्य मिटाने के मामले में गायत्री प्रजापति आरोपी है। अधिवक्ता अजय सिंह के जरिए दी गई अर्जी पर कोर्ट ने सात अक्तूबर को सुनवाई की तिथि नियत की है। इस मामले में बीते दिनों आरोपी की जमानत अर्जी खारिज हुई थी। इस समय आरोपी के खिलाफ आरोप तय होना है।  

विज्ञापन


अभियोजन पक्ष के अनुसार गोदौलिया निवासी अरविंद कुमार तिवारी ने 30 जून 2018 को दशाश्वमेध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि मोबाइल पर फोन करने वाले ने खुद को गायत्री प्रजापति बताते हुए वर्ष 2014 के बालू खनन के टेंडर का कमीशन मांगने लगा।
विज्ञापन


आरोपी ने कहा- घटना के वक्त मैं लखनऊ जेल में था
जवाब में टेंडर कैसिंल होने की बात कहीं गई तो तब गायत्री प्रजापति ने जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में पुलिस ने विवेचना की। गायत्री प्रसाद प्रजापति समेत कई को आरोपी बनाया गया था।   इस मामले में आरोपी पूर्व मंत्री की ओर से कोर्ट में डिस्चार्ज आवेदन दिया गया, कहा गया कि घटना के समय आरोपी लखनऊ जेल में निरुद्ध था।

विज्ञापन
विज्ञापन

राजनैतिक वैमनस्यता के कारण आरोपी बनाया गया है। सिर्फ राजनीतिक दबाव के वजह  से उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। ऐसे में आरोप न बनाकर उसे डिस्चार्ज यानि आरोप मुक्त कर दिया जाए। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम/एमपी-एमएलए कोर्ट उज्जवल उपाध्याय की अदालत इस पर सात अक्तूबर को सुनवाई करेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed