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35 साल पुराने मामले में बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष चंचल सिंह गिरफ्तार
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Wed, 08 Nov 2017 07:13 PM IST
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कोर्ट में पेशी के लिए जाते चंचल सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के 35 साल पुराने मामले में बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चंचल सिंह को यूपी के जौनपुर में बुधवार को गिरफ्तार किया गया।
जिले के पूरालाल गांव निवासी चंचल सिंह को बदलापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर एसीजेएम पंचम अमर सिंह की अदालत में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। आरोप के अनुसार, दो मार्च 1982 को तत्कालीन एडीएम डी गौर महराजगंज ब्लाक का निरीक्षण कर रहे थे।
उसी दौरान चंचल सिंह से उनकी कहासुनी हो गई। अफसर ने कहा कि बिना अनुमति कैसे आ गए, तो उन्होंने कहा कि मैं छात्रनेता हूं, कहीं भी आ जा सकता हूं। इस पर एडीएम ने उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज कराया था।
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इस मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। तब से अब तक चंचल कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए थे। इस पर कोर्ट ने पांच जून 1984 को बेल बांड निरस्त कर गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। इसके बावजूद वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। फिर कुर्की का आदेश हुआ।
पुलिस ने कोर्ट के आदेश के अनुपालन में आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश में पेश किया। आरोपी की तरफ से वारंट निरस्त करने के लिए बुधवार को प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन मजिस्ट्रेट ने इसे खारिज करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया।
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जिले के पूरालाल गांव निवासी चंचल सिंह को बदलापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर एसीजेएम पंचम अमर सिंह की अदालत में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। आरोप के अनुसार, दो मार्च 1982 को तत्कालीन एडीएम डी गौर महराजगंज ब्लाक का निरीक्षण कर रहे थे।
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उसी दौरान चंचल सिंह से उनकी कहासुनी हो गई। अफसर ने कहा कि बिना अनुमति कैसे आ गए, तो उन्होंने कहा कि मैं छात्रनेता हूं, कहीं भी आ जा सकता हूं। इस पर एडीएम ने उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज कराया था।
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इस मामले में पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। तब से अब तक चंचल कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए थे। इस पर कोर्ट ने पांच जून 1984 को बेल बांड निरस्त कर गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। इसके बावजूद वह कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। फिर कुर्की का आदेश हुआ।
पुलिस ने कोर्ट के आदेश के अनुपालन में आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश में पेश किया। आरोपी की तरफ से वारंट निरस्त करने के लिए बुधवार को प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन मजिस्ट्रेट ने इसे खारिज करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया।