वाराणसी: सच साबित हुआ पूर्व आईपीएस का दावा, एसटीएफ के नाम पर लूटपाट करने वाले तीन को पुलिस ने दबोचा
अक्सर पुलिस की कमियों को लेकर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में छाए रहने वाले पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के एक ट्वीट से बीते शुक्रवार को वाराणसी कमिश्नरेट में हड़कंप मच गया था। उन्होंने एक वीडियो ट्वीट कर एसटीएफ के नाम पर लूटपाट करने वालों के उपर कार्रवाई की मांग की थी।
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उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के दो दिन पहले की ट्वीट पर वाराणसी पुलिस ने एक्शन लिया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। तीन दिन पहले महमूरगंज स्थित एक अपार्टमेंट में लूटपाट हुई थी। इसका वीडियो पूर्व पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट करते हुए पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश से जांच की मांग की थी।
भेलूपुर पुलिस को सूचना मिली कि महमूरगंज स्थित गंगा सागर अपार्टमेंट में किराएदार पवन कुमार खरवार के फ्लैट में घुसकर लूट करने वाले रोहनिया के दीपक श्रीवास्तव, आशीष कुमार जायसवाल निवासी शिवपुर और रोहनिया के संजय कुमार मंडुवाडीह स्टेशन के सामने कृष्णा नगर कालोनी मोड़ पर हैं।
इस पर भेलूपुर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए तीनों को गिरफ्तार किया। इसमें पुलिस की पूछताछ में दीपक ने कबूला कि क्राइम ब्रांच और एसटीएफ बनकर लूटपाट करता थे। दीपक पर चार आपराधिक मुकदमे कैंट, सिगरा, जंसा और रोहनिया थाने में दर्ज हैं।
आरोपियों ने पवन कुमार खरवार से एक लाख की रंगदारी मांगी थी। उस दौरान पवन कुमार परिवार संग फरार हो गया था। इसके बाद यह वीडियो वायरल हुआ तो पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की थी। भेलूपुर इंस्पेक्टर अमित मिश्रा ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच की जा रही है। गिरफ्तारी टीम में दुर्गाकुंड चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह, उप निरीक्षक शैलेश यादव आदि रहे।
गौरतलब है कि अक्सर पुलिस की कमियों को लेकर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में छाए रहने वाले पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के एक ट्वीट से बीते शुक्रवार को वाराणसी कमिश्नरेट में हड़कंप मच गया था। उन्होंने एक वीडियो ट्वीट कर एसटीएफ के नाम पर लूटपाट करने वालों के उपर कार्रवाई की मांग की थी। इससे पहले भी पूर्व आईपीएस ने एक ट्वीट कर कोरोना संबंधी पत्र के बारे में सवाल उठाए थे। हालांकि तब उनका दावा गलत निकला था।