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फुलवरिया फोरलेन का रास्ता साफ, रक्षा संपदा की जमीन कराई गई खाली
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शहर की महत्वपूर्ण परियोजना फुलवरिया फोरलेन का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। रक्षा संपदा की जमीन पर कब्जा जमाए 55 परिवारों से जमीन खाली करा ली गई है और जिला प्रशासन ने अतिक्रमण करने वालों को आसरा योजना के तहत मकान आवंटित कर दिया है। फुलवरिया फोरलेन के ओवरब्रिज के एलाइंमेंट परिवर्तन के बाद रक्षा संपदा की जमीन पर बसे 55 परिवार ही बाधा बन रहे थे। इनके हटने के साथ ही सेतु निगम ने एक पिलर पर काम शुरू करा दिया है। खाली कराई जा रही जमीन पर चार और पिलर बनने हैं।
फुलवरिया फोरलेन निर्माण में बाधा पहुंचा रहे अवैध निर्माण को गिराने के लिए बुधवार की सुबह मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में लोकनिर्माण, सेतु निगम और पुलिस भारी संख्या में पहुंची। अधिकारियों ने कब्जेदारों को समझाकर कब्जा हटाने का प्रयास किया लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। वे घर नहीं होने का हवाला देने लगे तो उन्हें आसरा योजना के तहत आवास देने का भरोसा दिलाकर टीम ने अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू किया। जेसीबी से एक-एक मकानों को जमींदोज करना शुरू कर दिया जिन्होंने अपने घरों से सामान नहीं निकाला उसे पुलिस ने गिनती कर अलग रख दिया।
307.77 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले फुलवरिया-फोरलेन के ओवरब्रिज बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के एलाइंमेंट में करीब 200 मकानों को हटाए जाने की जरूरत थी। इसमें बदलाव के लिए मंडलायुक्त और जिलाधिकारी स्तर से कई बार बात की गई। तकनीकी रूप में एलाइंमेंट इस प्रकार से परिवर्तित किया गया, जिससे कम से कम घर ही मौके पर प्रभावित हों।
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इसके बाद भी कब्जेदार मकान के साथ जमीन का मुआवजा मांग रहे थे, जबकि जमीन रक्षा संपदा की थी। कब्जा गिराने गई टीम को कई बार बगैर कार्रवाई के लौटना पड़ना। इस बीच कुछ लोगों ने न्यायालय की शरण ली थी, ऐसे में जिला प्रशासन सख्ती से कार्रवाई नहीं कर पा रहा था। न्यायालय से कब्जेदारों को कोई राहत नहीं मिलने पर जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा के निर्देश पर टीम बुधवार को कब्जा तोड़ने पहुंची।
तीन दिन में जमींदोज हो जाएंगे अतिक्रमण
फुलवरिया फोरलेन के निर्माण में बाधक बने 55 भवन स्वामियों ने वहां से हटने पर सहमति जता दी है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने फुलवरिया फोरलेन से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की। जेसीबी से जब अतिक्रमण हटाया जाने लगा तो इस दौरान काफी संख्या में लोग आए और विरोध करने लगे। उन्हें अदालत का आदेश दिखाया गया। इसके बाद सभी मान गए। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सुग्रीव राम ने बताया कि 3 दिनों में सभी अवैध निर्माण जमींदोज कर दिया जाएंगे। इसके बाद सेतु निगम की ओर से फ्लाईओवर के निर्माण का कार्य शुरू होगा। कुल 55 लोग थे जिनमें से अब तक 29 लोग शिफ्ट हो गए हैं। अभी 26 लोगों को शिफ्ट कराना बाकी है।
फुलवरिया फोरलेन का विवरण एक नजर में
लहरतारा फुलवरिया जेपी मेहता इंटर कालेज से वाया सेंट्रल जेल रोड से शिवपुर मार्ग का काम दिसंबर 2021 में पूरा किया जाना है, मगर वर्तमान में केवल 18 फीसदी काम हुआ है।
शिवपुर चुंगी मार्ग पर ओवरब्रिज का काम दिसंबर 2021 में पूरा किया जाना है और अब तक 42 फीसदी काम पूरा किया गया है
वरुणा नदी पर बनने वाले पुल का 48 फीसदी और सड़क निर्माण का 45 फीसदी काम हुआ है।
55 परिवारों के अतिक्रमण को हटाया गया है और उन्हें डूडा के आसरा योजना में आवास दिया गया है। फुलवरिया फोरेलन की बाधा समाप्त हो गई है और अब इस परियोजना को जल्द पूरा कराया जाएगा। - कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी
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फुलवरिया फोरलेन निर्माण में बाधा पहुंचा रहे अवैध निर्माण को गिराने के लिए बुधवार की सुबह मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में लोकनिर्माण, सेतु निगम और पुलिस भारी संख्या में पहुंची। अधिकारियों ने कब्जेदारों को समझाकर कब्जा हटाने का प्रयास किया लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। वे घर नहीं होने का हवाला देने लगे तो उन्हें आसरा योजना के तहत आवास देने का भरोसा दिलाकर टीम ने अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू किया। जेसीबी से एक-एक मकानों को जमींदोज करना शुरू कर दिया जिन्होंने अपने घरों से सामान नहीं निकाला उसे पुलिस ने गिनती कर अलग रख दिया।
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307.77 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले फुलवरिया-फोरलेन के ओवरब्रिज बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के एलाइंमेंट में करीब 200 मकानों को हटाए जाने की जरूरत थी। इसमें बदलाव के लिए मंडलायुक्त और जिलाधिकारी स्तर से कई बार बात की गई। तकनीकी रूप में एलाइंमेंट इस प्रकार से परिवर्तित किया गया, जिससे कम से कम घर ही मौके पर प्रभावित हों।
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इसके बाद भी कब्जेदार मकान के साथ जमीन का मुआवजा मांग रहे थे, जबकि जमीन रक्षा संपदा की थी। कब्जा गिराने गई टीम को कई बार बगैर कार्रवाई के लौटना पड़ना। इस बीच कुछ लोगों ने न्यायालय की शरण ली थी, ऐसे में जिला प्रशासन सख्ती से कार्रवाई नहीं कर पा रहा था। न्यायालय से कब्जेदारों को कोई राहत नहीं मिलने पर जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा के निर्देश पर टीम बुधवार को कब्जा तोड़ने पहुंची।
तीन दिन में जमींदोज हो जाएंगे अतिक्रमण
फुलवरिया फोरलेन के निर्माण में बाधक बने 55 भवन स्वामियों ने वहां से हटने पर सहमति जता दी है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने फुलवरिया फोरलेन से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की। जेसीबी से जब अतिक्रमण हटाया जाने लगा तो इस दौरान काफी संख्या में लोग आए और विरोध करने लगे। उन्हें अदालत का आदेश दिखाया गया। इसके बाद सभी मान गए। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सुग्रीव राम ने बताया कि 3 दिनों में सभी अवैध निर्माण जमींदोज कर दिया जाएंगे। इसके बाद सेतु निगम की ओर से फ्लाईओवर के निर्माण का कार्य शुरू होगा। कुल 55 लोग थे जिनमें से अब तक 29 लोग शिफ्ट हो गए हैं। अभी 26 लोगों को शिफ्ट कराना बाकी है।
फुलवरिया फोरलेन का विवरण एक नजर में
लहरतारा फुलवरिया जेपी मेहता इंटर कालेज से वाया सेंट्रल जेल रोड से शिवपुर मार्ग का काम दिसंबर 2021 में पूरा किया जाना है, मगर वर्तमान में केवल 18 फीसदी काम हुआ है।
शिवपुर चुंगी मार्ग पर ओवरब्रिज का काम दिसंबर 2021 में पूरा किया जाना है और अब तक 42 फीसदी काम पूरा किया गया है
वरुणा नदी पर बनने वाले पुल का 48 फीसदी और सड़क निर्माण का 45 फीसदी काम हुआ है।
55 परिवारों के अतिक्रमण को हटाया गया है और उन्हें डूडा के आसरा योजना में आवास दिया गया है। फुलवरिया फोरेलन की बाधा समाप्त हो गई है और अब इस परियोजना को जल्द पूरा कराया जाएगा। - कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी