यूपी: जंगल में फैला गुंडाराज, पत्थर माफियाओं ने फॉरेस्ट गार्ड को पीटकर उतारा मौत के घाट
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उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में एक फॉरेस्ट गार्ड की पीट कर हत्या करने का मामला सामने आया है। फॉरेस्ट गार्ड का कसूर बस इतना था कि वो अवैध खनन को रोक रहा था। जिससे पत्थर माफियाओं ने उसको पीट कर मौत के घाट उतार दिया।
जानकारी के अनुसार जिले के मांची वन रेंज के अधिकारियों को शुक्रवार की रात करीब 9 बजे सूचना मिली कि क्षेत्र के पड़री गांव में पत्थर का अवैध खनन किया जा रहा है। इसकी सूचना पर मांची रेंजर बीवी सिंह अपने टीम के साथ रवाना हो गए। वहां पहुंचने पर उन्होंने अवैध खनन में एक ट्रैक्टर पकड़ा। साथ ही एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में ले लिया।
वन कर्मियों की टीम ट्रैक्टर लेकर रेंज कार्यालय पर जा रही थी। रेंज कार्यालय पर पहुंचने से पहले ही रतुआ गांव में पत्थर माफियाओं ने वन विभाग की टीम पर हमला बोल दिया। लोगों ने लाठी डंडे के साथ ही टीम पर पथराव कर करना शुरू कर दिया। इस घटना में रेंजर के साथ ही कई फॉरेस्ट गार्ड और अन्य घायल हो गए। जबकि फॉरेस्ट गार्ड मोहन मौर्य (50) वर्ष को गंभीर चोटें आईं।
जबकि दूसरा फॉरेस्ट गार्ड रामप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले की जानकारी होने पर डीएफओ संजीव कुमार सिंह समेत अन्य मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घायल मोहन को जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
हत्या में तीन नामजद और छह अज्ञात पर मुकदमा
इस मामले में शनिवार सुबह मांची रेंजर डीबी सिंह के तहरीर पर रायपुर थाना पुलिस ने दो सगे भाई लक्ष्मीकांत यादव, विजयकांत यादव पुत्र रामलली यादव निवासी और लक्ष्मण जायसवाल पुत्र जय राम निवासी पड़री के अलावा छह अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सभी आरोपी फरार हैं।
डीएफओ संजीव कुमार सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम अवैध खनन में लिप्त ट्रैक्टर को पकड़ कर ला रही थी। उसी दौरान अवैध खनन में लिप्त लोगों ने हमला कर दिया। इसमें घायल फॉरेस्ट गार्ड ने जिला अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया।