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प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारियों की मॉनिटरिंग करेगा विदेश मंत्रालय
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 27 Nov 2018 11:09 AM IST
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वाराणसी में जनवरी 2019 में होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आने वाले मेहमानों के लिए रिंग रोड के किनारे स्विस कॉटेज का निर्माण शुरू कराने का निर्देश विदेश मंत्रालय की टीम ने दिया है।
सम्मेलन की तैयारियों की मॉनिटरिंग विदेश मंत्रालय करेगा। तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रत्येक सप्ताह टीमें यहां आएंगी। हस्तकला संकुल में 30 नवंबर से पहले प्रवासी सम्मेलन का नोडल कार्यालय स्थापित किया जाएगा।
उधर, टेंट सिटी और अन्य आयोजनों के लिए ऐढें गांव में लोक निर्माण विभाग लेवलिंग का काम शुरू करेगा। तैयारियों की समीक्षा के बाद सोमवार को विदेश मंत्रालय की टीम लौट गई। 21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आवास व्यवस्था के लिए विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजेश कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया।
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सोमवार को विदेश मंत्रालय की टीम ने रिंग रोड के किनारे बनने वाले स्विस काटेज के निर्माण को शुरू कराने के लिए निर्देश दिया। टेंट सिटी के चारों तरफ जमीनों का सीमांकन कर उसकी लेवलिंग कराई जाएगी।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि प्रवासी सम्मेलन के लिए टेंट सिटी का काम शुरू कराने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं। आवास व्यवस्था के लिए वीडीए वीसी, प्रकाश, सजावट, स्वच्छता के नोडल अधिकारी नगरायुक्त रहेंगे। सांस्कृतिक प्रदर्शनी, जनसहभागिता के लिए मुख्य विकास अधिकारी और सड़क व संपर्क मार्ग के लिए लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता नोडल अधिकारी हैं।
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सम्मेलन की तैयारियों की मॉनिटरिंग विदेश मंत्रालय करेगा। तैयारियों की समीक्षा के लिए प्रत्येक सप्ताह टीमें यहां आएंगी। हस्तकला संकुल में 30 नवंबर से पहले प्रवासी सम्मेलन का नोडल कार्यालय स्थापित किया जाएगा।
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उधर, टेंट सिटी और अन्य आयोजनों के लिए ऐढें गांव में लोक निर्माण विभाग लेवलिंग का काम शुरू करेगा। तैयारियों की समीक्षा के बाद सोमवार को विदेश मंत्रालय की टीम लौट गई। 21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आवास व्यवस्था के लिए विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजेश कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया।
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सोमवार को विदेश मंत्रालय की टीम ने रिंग रोड के किनारे बनने वाले स्विस काटेज के निर्माण को शुरू कराने के लिए निर्देश दिया। टेंट सिटी के चारों तरफ जमीनों का सीमांकन कर उसकी लेवलिंग कराई जाएगी।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि प्रवासी सम्मेलन के लिए टेंट सिटी का काम शुरू कराने के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं। आवास व्यवस्था के लिए वीडीए वीसी, प्रकाश, सजावट, स्वच्छता के नोडल अधिकारी नगरायुक्त रहेंगे। सांस्कृतिक प्रदर्शनी, जनसहभागिता के लिए मुख्य विकास अधिकारी और सड़क व संपर्क मार्ग के लिए लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता नोडल अधिकारी हैं।
एक दिसंबर से लहरतारा चौराहा से शहर में नहीं घुसेंगे भारी मालवाहक
प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तिथि नजदीक आते देख शहर की ध्वस्त यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए रोजाना कवायदें की जा रही हैं। इसी क्रम में सोमवार को निर्णय लिया गया है कि लहरतारा चौराहा, डाफी, सुसुवाही और अमरा अखरी चौराहे से भारी मालवाहक अब शहर में प्रवेश नहीं करेंगे।
यह व्यवस्था आगामी एक दिसंबर से प्रभावी होगी। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था ब्रेड, दूध वाले उन भारी मालवाहकों पर भी लागू होगी जिन्हें पास मिला हुआ है।
भारी मालवाहकों की आवाजाही के कारण शहर में रोजाना जाम लगने के साथ ही पेयजल और सीवर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि अब मोहनसराय से लहरतारा चौराहा तक ही सिर्फ मालवाहक आ सकेंगे। लहरतारा चौराहा से कैंट स्टेशन या शहर की ओर मालवाहक नहीं जाएंगे।
जिन मालवाहकों को विश्वेश्वरगंज मंडी जाना होगा वो मोहनसराय से कछवा रोड, कपसेठी, बाबतपुर, हरहुआ, तरना, गिलट बाजार, पुलिस लाइन चौराहा, चौकाघाट होते हुए जाएंगे और इसी रास्ते से वापस होंगे। नो इंट्री खुली रहने के दौरान मालवाहकों को लहरतारा चौराहा से रेलवे माल गोदाम तक आने की अनुमति होगी लेकिन कैंट रेलवे स्टेशन नहीं जाएंगे।
यह व्यवस्था आगामी एक दिसंबर से प्रभावी होगी। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था ब्रेड, दूध वाले उन भारी मालवाहकों पर भी लागू होगी जिन्हें पास मिला हुआ है।
भारी मालवाहकों की आवाजाही के कारण शहर में रोजाना जाम लगने के साथ ही पेयजल और सीवर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि अब मोहनसराय से लहरतारा चौराहा तक ही सिर्फ मालवाहक आ सकेंगे। लहरतारा चौराहा से कैंट स्टेशन या शहर की ओर मालवाहक नहीं जाएंगे।
जिन मालवाहकों को विश्वेश्वरगंज मंडी जाना होगा वो मोहनसराय से कछवा रोड, कपसेठी, बाबतपुर, हरहुआ, तरना, गिलट बाजार, पुलिस लाइन चौराहा, चौकाघाट होते हुए जाएंगे और इसी रास्ते से वापस होंगे। नो इंट्री खुली रहने के दौरान मालवाहकों को लहरतारा चौराहा से रेलवे माल गोदाम तक आने की अनुमति होगी लेकिन कैंट रेलवे स्टेशन नहीं जाएंगे।
रिंग रोड से जाएंगे दूसरे जिलों को जाने वाले वाहन
मोहनसराय से जिन मालवाहकों को जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, मऊ, गोरखपुर आदि जिलों की ओर जाना होगा, वो कछवा रोड से कपसेठी, बाबतपुर, हरहुआ, रिंग रोड से संदहा होकर जाएंगे। वहीं, जो वाहन इन जिलों से आएंगे और उन्हें शहर की ओर नहीं जाना होगा तो वो संदहां से रिंग रोड, हरहुआ, बाबतपुर, कपसेठी, कछवा रोड होकर जाएंगे।
जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, मऊ, गोरखपुर आदि जिलों की ओर से जिन मालवाहकों को शहर आना होगा वो आशापुर चौराहा, पांडेयपुर चौराहा, पुलिस लाइन चौराहा, ताड़ीखाना होते हुए जाएंगे और वापसी में चौकाघाट से पुलिस लाइन होते हुए लौटेंगे।
शहर में मालवाहक प्रवेश न कर सकें इसके लिए सात जगह हाईट गेज बैरियर लगाए जाएंगे। इसके लिए पीडब्लूडी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैरियर लगाने के लिए डाफी, सुसुवाही, अमरा अखरी, मोहनसराय, मंडुवाडीह आरओबी के दोनों छोर पर और महमूरगंज पुलिस चौकी से मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के बीच की सड़क का चयन किया गया है।
जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, मऊ, गोरखपुर आदि जिलों की ओर से जिन मालवाहकों को शहर आना होगा वो आशापुर चौराहा, पांडेयपुर चौराहा, पुलिस लाइन चौराहा, ताड़ीखाना होते हुए जाएंगे और वापसी में चौकाघाट से पुलिस लाइन होते हुए लौटेंगे।
शहर में मालवाहक प्रवेश न कर सकें इसके लिए सात जगह हाईट गेज बैरियर लगाए जाएंगे। इसके लिए पीडब्लूडी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैरियर लगाने के लिए डाफी, सुसुवाही, अमरा अखरी, मोहनसराय, मंडुवाडीह आरओबी के दोनों छोर पर और महमूरगंज पुलिस चौकी से मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के बीच की सड़क का चयन किया गया है।