पहली बार अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में शामिल होकर चमकेंगी काशी की बेटियां
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वाराणसी। कराटे प्रतियोगिता में काशी की बेटियां अब अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकेंगी। अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में पहली बार कराटे की टीम शामिल होगी। इसमें काशी की निधि राज, ज्योति सिंह और दिव्या पांडेय की तिकड़ी अपने दाव पेंच आजमाएंगी।
तीनों खिलाडि़यों का चयन ब्राजील में पांच से आठ नवंबर तक होेने वाली अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। उनकी इस उपलब्धि पर टीम के कोच और खिलाडि़यों में प्रसन्नता की लहर है।
काशी की बेटियों ने अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिता में दो बार स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी जगह बनाई है। वर्तमान में निधि, ज्योति और दिव्या पांडेय की तिकड़ी ने अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयीय कराटेे प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है।
बृहस्पतिवार को हुए मुकाबले में दिव्या ने पहली बार 68 किलो भार वर्ग में एकल कुमिते में कांस्य पदक हासिल किया। शुक्रवार को तीनों खिलाडि़यों का टीम कुमिते स्पर्धा होगी। मानव एकेडमी आफ मार्शल आर्ट के मुख्य प्रशिक्षक किसलय ने तीनों खिलाडि़यों को शुभकामनाएं दी हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मेहनत से मिली है सफलता
निधि राज ने बताया कि उनकी मेहनत का परिणाम है जो उन्हें यह सफलता मिली है। उन्होंने अब तक राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिता में 14 स्वर्ण, छह रजत और चार कांस्य पदक हासिल किए हैं।
कराटे में करना है सबसे बेहतर
दिव्या पांडेय ने बताया कि कराटे में और भी बेहतर करना है। उन्होंने अभी तक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में काता, कुमिते स्पर्धा में 15 स्वर्ण, सात रजत और सात कांस्य पदक हासिल किए हैं।
गौरव की बात है भारत का प्रतिनिधित्व
ज्योति सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका गौरव की बात है। हमारा प्रयास होगा कि हम बेहतर प्रदर्शन करें। उन्होंने अभी तक काता, कुमिते स्पर्धा में 17 स्वर्ण, आठ रजत और सात कांस्य पदक जीते हैं।