सावन: पहली बार 50 हजार यादव बंधु करेंगे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक, निभाएंगे परंपरा; होगा ऐतिहासिक नजारा
Varanasi News: बताया गया कि 1932 से चली आ रही जलाभिषेक की यह यात्रा परंपरागत तरीके से निकलेगी। समिति ने इस वर्ष नौ शिवालयों में होने वाले जलाभिषेक में नौ मंदिर में प्रभारी बनाए हैं। जलाभिषेक यात्रा में वॉलंटियर्स भी मौजूद रहेंगे।
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सावन के पहले सोमवार पर यादव समाज का जलाभिषेक हर मायने में अनोखा होगा। यह पहला मौका होगा जब 18 प्रदेशों के यादव बंधु बाबा के जलाभिषेक के लिए काशी आएंगे। पहली बार 50 हजार से अधिक यादव बंधु बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
रविवार को पहले सोमवार के जलाभिषेक की तैयारियों के लिए यादव बंधुओं की बैठक हुई। बैठक में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित अन्य नौ शिवालयों में प्रभारी घोषित किए गए।
रविवार को विशेश्वरगंज के पुराना दूधकटरा स्थित श्री विश्वनाथ यादव के बागीचे में बैठक के दौरान यादव बंधुओं ने जलाभिषेक के दौरान होने वाली विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। शिवभक्तों का जलाभिषेक सुचारू रूप से संपन्न कराने पर चर्चा हुई।
चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के अध्यक्ष लालजी यादव ने बताया कि बाबा विश्वनाथ का ध्वज पहले स्व. महंगू सरदार लेकर चला करते थे। अब बीते 50 वर्षों से अधिक समय से उनके पुत्र दुर्गा सरदार लेकर चल रहे हैं। उसी ध्वज के नेतृत्व में लगभग 50 हजार यादव बंधु स्व. भोला सरदार व चुमी सरदार द्वारा आरंभ की गई इस परंपरा का निर्वहन करेंगे।
हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ हम गौरी केदारेवर से भी गंगा का पावन जल लेकर सुबह सात बजे शोभायात्रा आरंभ करेंगे। इस बार जलाभिषेक में देश के कोने-कोने से यादव बंधु आ रहे हैं। लगभग 18 प्रदेशों से यादव बंधुओं का आना हो रहा है। सबका जलाभिषेक करने का एक मात्र उद्देश्य विश्व कल्याण और भारत को विश्व गुरु बनाना है।
इस दौरान विश्वनाथ यादव, भइया लाल यादव, दुर्गा यादव, मनोज यादव पार्षद, भारत भूषण यादव, प्रभाकर यादव, सोनू यादव, बलदाऊ राणा सहित काफी संख्या में यादव समाज के लोग मौजूद थे। संचालन मनोज यादव और धन्यवाद रवि यादव कल्लू ने किया।
बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए काशी से साधु संत भी पहुंचे
बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा में बाबा अमरनाथ के दर्शन शनिवार से शुरू हो गए। बनारस से भी दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का जत्था पहुंच रहा है। दो दिनों में बनारस से 400 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। रविवार को मार्कंडेय महादेव मंदिर सहित आसपास के साधु-संतों का जत्था भी पहुंचा। वहां बनारस के शिविर में श्रद्धालु बनारसी पान और मलइयो का भी आनंद ले रहे हैं। अमरनाथ के दर्शन के लिए पूर्वांचल भर से दो हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं।
अमरनाथ यात्रा पर दर्शन पूजन के लिए बनारस से भी श्रद्धालुओं के जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। बनारस के श्रीबाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति की ओर से लगे भंडारे में बनारस के रोज ही दो से तीन सौ श्रद्धालु पहुंचे रहे हैं। समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि जम्मू में अभी हल्की बारिश हो रही है। यह दर्शन के लिए अनुकूल मौसम है। रविवार को ही बनारस से 250 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। इसमें करीब 60 साधु-संत थे। बताया कि बाबा अमरनाथ का दर्शन-पूजन रक्षाबंधन तक चलता है।
चार पड़ाव पार कर दो दिन में करते हैं दर्शन
अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालु दो दिन में बाबा के दर्शन करते हैं। मुख्य रूप से तीन पड़ाव है, पहलगाम से गुफा में बाबा के दर्शन करने तक 48 किमी की यात्रा तय करनी पड़ती है। मगर, पहलगाम, चंदनबाड़ी, शेषनाग और पंततरणी तक गेट बने हैं। हर गेट से श्रद्धालुओं को छोड़ने के लिए समय तय है। श्रद्धालु पैदल या घोड़े से जाते हैं। घोड़े से दो दिन में दर्शन कर लौट जाते हैं। मगर पैदल में तीन दिन लग जाते हैं।