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रिजल्ट के लिए दो सौ किमी की पदयात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Tue, 11 Aug 2015 02:07 AM IST
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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध श्री बजरंग पीजी कॉलेज, बलिया के छात्रों ने रिजल्ट करीब दो सौ किलोमीटर की पदयात्रा की। बलिया से पैदल चलकर करीब पचास छात्र सोमवार को काशी विद्यापीठ पहुंचे। यहां कुलपति को ज्ञापन देकर अविलंब परीक्षाफल जारी करने की मांग की। सामूहिक नकल के आरोप में इस कॉलेज का रिजल्ट रोक दिया गया था, जिससे 2400 विद्यार्थियों के समक्ष दाखिले का संकट बना हुआ है।
बलिया के सिकंदरपुर स्थित कॉलेज के छात्रों ने पदयात्रा शुरू करने से पहले कुलाधिपति, मुख्यमंत्री और कुलपति को इसकी सूचना दी थी। सोमवार दोपहर में विद्यापीठ पहुंचे छात्रों ने एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विकास सिंह के नेतृत्व में कुलपति से मुलाकात की। कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष राहुल वर्मा, महामंत्री विश्वकर्मा शर्मा, पुस्तकालय मंत्री अविनाश प्रजापति, अजय मिश्र, अंजनी यादव, विक्की सिंह, प्रदीप आदि का
कहना था कि प्रायोगिक परीक्षा में सामूहिक नकल के लगाए गए आरोप पूर्णतया गलत है। इस बारे में कॉलेज को कोई जानकारी दिए बिना विश्वविद्यालय प्रशासन ने रिजल्ट रोक दिया है, जिससे छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने परीक्षा परिणाम जारी करने, कॉलेज पर लगे तीन लाख रुपये के अर्थदंड को माफ करने, छात्रवृत्ति मुहैया कराने और शिक्षकों के खाली पदों पर नियुक्ति करने की मांग उठाई। इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की आयूषी श्रीमाली ने भी विद्यापीठ प्रशासन से परिणाम जारी करने की मांग की।
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बलिया के सिकंदरपुर स्थित कॉलेज के छात्रों ने पदयात्रा शुरू करने से पहले कुलाधिपति, मुख्यमंत्री और कुलपति को इसकी सूचना दी थी। सोमवार दोपहर में विद्यापीठ पहुंचे छात्रों ने एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विकास सिंह के नेतृत्व में कुलपति से मुलाकात की। कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष राहुल वर्मा, महामंत्री विश्वकर्मा शर्मा, पुस्तकालय मंत्री अविनाश प्रजापति, अजय मिश्र, अंजनी यादव, विक्की सिंह, प्रदीप आदि का
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कहना था कि प्रायोगिक परीक्षा में सामूहिक नकल के लगाए गए आरोप पूर्णतया गलत है। इस बारे में कॉलेज को कोई जानकारी दिए बिना विश्वविद्यालय प्रशासन ने रिजल्ट रोक दिया है, जिससे छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने परीक्षा परिणाम जारी करने, कॉलेज पर लगे तीन लाख रुपये के अर्थदंड को माफ करने, छात्रवृत्ति मुहैया कराने और शिक्षकों के खाली पदों पर नियुक्ति करने की मांग उठाई। इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की आयूषी श्रीमाली ने भी विद्यापीठ प्रशासन से परिणाम जारी करने की मांग की।
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