रेलवे की अच्छी पहल: AI तकनीक से बेस किचन में बनेगा भोजन, शेफ ने कैप उतारी तो कैमरा करेगा अलर्ट
रेलवे ने एक अच्छी पहल की है। अब एआई तकनीक से रेलवे के बेस किचन में भोजन बनेगा। वाराणसी मंडल के तीन स्टेशन पर बेस किचन बने हैं। पीपीपी मॉडल पर नामी कैटरिंग कंपनी इसका संचालन करेगी।
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सफर के दौरान रेल यात्रियों को गुणवत्ता पूर्ण भोजन परोसे जाने के लिए रेलवे की ओर से बेस किचन तैयार किए जा रहे हैं। इन हाईटेक किचन में एआई तकनीक से भोजन पकाया जाएगा। किचन में अगर शेफ ने अपने सिर से कैप उतारी तो एआई कैमरा तुरंत अलर्ट करेगा। खाद्य सामग्रियों से लेकर थाली की पैकिंग तक एआई की निगरानी में होगी। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के तीन स्टेशन पर बेच किचन बने हैं। जल्द ही इसका संचालन पीपीपी मॉडल पर नामी कैटरर्स करेंगे।
बुधवार को लहरतारा स्थित डीआरएम भवन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की वर्चुअल प्रेसवार्ता के दौरान पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के डीआरएम विनीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मंडल के छपरा, मऊ और भटनी रेलवे स्टेशन पर बेस किचन तैयार किए गए हैं। रेलवे मानक के तहत इस बेस किचन का समय-समय पर अधिकारियों की टीम निरीक्षण करेगी।
फिलहाल पीपीपी मॉडल पर देश की नामी कैटररिंग कंपनियों को इसके संचालन का जिम्मा सौंपा जाएगा। इसकी तैयारियां चल रही हैं। रेलवे की ओर से परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें आती रहती हैं। अब एआई की निगरानी में भोजन बनाए जाने के बाद ये शिकायतें खत्म होंगी। भोजन तैयार करने के दौरान कहीं कोई गड़बड़ी होती तो एआई कैमरा अलर्ट करता रहेगा।
रेलमंत्री ने प्रेसवार्ता में बताया कि महाकुंभ की तैयारियां चल रही हैं। उत्तर, पूर्वोत्तर और उत्तर मध्य रेलवे का ज्वाइंट कमांड बना है। भीड़ प्रबंधन से लेकर यात्री सुविधाओं पर पूरा जोर होगा। जिला प्रशासन के समन्वय से भीड़ के अनुसार स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
डीआरएम विनीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महाकुंभ से पहले झूंसी-प्रयागराज के बीच रेलवे ओवरब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा। दोहरीकरण और विद्युतीकरण पूरा होने पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही झूंसी, प्रयागराज रामबाग रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा ऑडिट भी कराई जा रही है। प्लेटफाॅर्म और एफओबी चौड़े किए जा रहे हैं।