सावन में काशी की गलियां ठसाठस: गंगा घाटों पर बाढ़, गलियों में भीड़ का पलट प्रवाह, मंदिर का हर मार्ग जाम
सावन में गंगा घाटों पर बाढ़ आने और दर्शन-पूजन के लिए आ रही श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते मंदिर मार्ग हर तरफ से जाम हो रहा है। गंगा घाटों का संपर्क टूटने के बाद से मंदिर का गंगा द्वार बंद है। ऐसे में गलियों में हर समय भीड़ रह रही है।
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सावन में बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ के दर्शन पूजन के लिए देश दुनिया से श्रद्धालुओं की भीड़ काशी पहुंच रही है। भीड़ इतनी हो रही कि यातायात व्यवस्था चरमरा जा रही है। काशी जोन की गलियां ठसाठस भरी रह रही हैं। विश्वनाथ मंदिर का गंगा द्वार बंद होने के कारण गलियों में भीड़ का प्रवाह है। एक तो भीड़ दूसरे बाढ़ ने गलियों में रहने वालों की परेशानियों को बढ़ा दिया है।
घाटों का संपर्क टूटने के कारण गलियों से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है। लहुराबीर-मैदागिन मार्ग, लहुराबीर-नई सड़क, रथयात्रा-लक्सा मार्ग और सोनारपुरा-गोदौलिया, रेवड़ीतालाब-गिरजाघर चौराहा मार्ग हर समय जाम की चपेट में है। सुबह से रात तक लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
रोज से दो-ढाई लाख श्रद्धालुओं की गलियों से आवाजाही
हर दिन दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं की भीड़ सिर्फ काशी जोन में उमड़ रही है। राजघाट, भदऊं चुंगी, विशेश्वरगंज, मच्छोदरी से लगायत मैदागिन और उधर, अस्सी से सोनारपुरा, जंगमबाड़ी, गोदौलिया, दशाश्वमेध, चौक, बांसफाटक समेत आसपास की गलियों और घाट किनारे की गलियों के रास्ते ही श्रद्धालुओं की आवाजाही हो रही है। गंगा द्वार बंद होने से गलियों का दबाव 100 प्रतिशत बढ़ गया है।
पैदल से लेकर दोपहिया, ऑटो, रिक्शा समेत कार के दबाव से लहुराबीर-चेतगंज-नई सड़क, रथयात्रा-लक्सा मार्ग और सोनारपुरा-जंगमबाड़ी मठ मार्ग, रेवड़ी तालाब-गिरजाघर चौराहा मार्ग हर समय जाम की चपेट में है। शनिवार, रविवार और सोमवार को तो गलियों की स्थिति कष्टकारी होती है। घरों में रहने वाले लोगों को भी बाहर आवाजाही के लिए सोचना पड़ता है। उनकी गाड़ियां तक गेट से बाहर नहीं निकल पाती है। चौक, गौदोलिया, दशाश्वमेध, बांसफाटक और मैदागिन क्षेत्र के रहने वालों को काफी परेशानियां होती हैं।
अधिकारी बोले
शनिवार की रात से लेकर मंगलवार सुबह तक यातायात डायवर्जन लागू है। संबंधित थाने और टीआई से यातायात व्यवस्था की निगरानी कराई जा रही है। - अंशुमान मिश्रा, एडीसीपी यातायात