फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Flood victims should receive relief within two days; potholes on damaged roads must also be filled: Ravindra Jaiswal

बाढ़ प्रभावितों को दो दिन में मिले राहत, टूटी सड़कों के गड्ढे भी भरें : रविंद्र जायसवाल

Thu, 03 Sep 2026 02:07 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 02:07 AM IST
विज्ञापन
Flood victims should receive relief within two days; potholes on damaged roads must also be filled: Ravindra Jaiswal
सर्किट हाउस में बैठक करते राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल। स्रोत सूचना विभाग
राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने बुधवार को राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने बाढ़ प्रभावित हर व्यक्ति तक सरकारी राहत सुविधाएं प्राथमिकता से पहुंचाने के निर्देश दिए। राहत शिविरों में तीन समय भोजन, दूध-फल, चिकित्सा, बिजली और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही बारिश में क्षतिग्रस्त सड़कों के गड्ढे दो दिन के भीतर भरने को कहा। उन्होंने रात में सभी स्ट्रीट लाइट चालू रखने के भी निर्देश दिए।
विज्ञापन

मंत्री ने कहा कि राहत शिविरों में रहने, भोजन और जरूरत के अनुसार चिकित्सा की समुचित व्यवस्था हो। बुजुर्गों और बच्चों के लिए दूध व फल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों तक खाद्यान्न और बच्चों के लिए दूध पहुंचाने को कहा। पार्षदों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में बच्चों को दूध वितरित कराने की जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि जलस्तर चेतावनी बिंदु पार करने की सूचना से लोगों में भय का माहौल न बने। प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों में भ्रमण करता रहे, ताकि लोगों को भरोसा रहे कि प्रशासन उनके साथ है। मंत्री ने बिजली निगम के अधिकारियों को राहत शिविरों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़कों पर बने गड्ढों को हर हाल में दो दिन के भीतर दुरुस्त कराया जाए।
विज्ञापन


14 गांव प्रभावित, 35 नावें लगाईं
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए तीन समय भोजन और नाश्ते की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए शिविरों में 24 घंटे सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। बच्चों के लिए दूध और फल भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 14 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और राहत कार्य के लिए 35 नावें लगाई गई हैं। सभी नावों पर एक-एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी टॉर्च के साथ लगाने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 16 बाढ़ राहत चौकियों पर चिकित्सा टीमें तैनात हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


राहत शिविर पहुंचकर बांटे खाद्यान्न किट
बैठक के बाद मंत्री रविंद्र जायसवाल ने जेपी मेहता राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न किट वितरित किए और लोगों से उनका हालचाल पूछा। मंत्री ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भी बांटी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed