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बलिया में बाढ़ : लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव का अस्तित्व खतरे में

Sun, 27 Aug 2017 04:51 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया Updated Sun, 27 Aug 2017 04:51 PM IST
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Flood in UP The existence of the village of Loknayak Jayaprakash Narayan in danger
बाढ़ की वजह कट रही मिट्टी, निरीक्षण करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

यूपी के बलिया में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। तमाम प्रयासों के बावजूद घाघरा नदी लोकनायक जयप्रकाश नारायण के गांव से सटे बीएसटी बंधे को काटने पर आमादा है। घाघरा नदी जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे जेपी के गांव पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

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इससे ग्रामीणों में हड़कंप की स्थिति है और वह जनप्रतिनिधियों को कोस रहे हैं।  ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके को लेकर अबतक खूब राजनीति हुई है। सपा के काल में भाजपा वालों ने आरोपों की झड़ी लगाई, अब भाजपा का शासन है तो सपा के लोग उसी आरोप को लेकर हाजिर हैं।
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लेकिन समस्या जस की तस है। आंकड़ों पर गौर फरमाएं तो वर्ष 2014 में 350 मकानों सहित किसानों की लगभग 250 एकड़ जमीन घाघरा में समा गई। इस साल मात्र 15 दिनों में किसानों की लगभग 150 एकड़ जमीन को घाघरा नदी निगल गई।
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अब घाघरा नदी ने बीएसटी बांध को ही अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। विगत दो दिनों से वहां पूरी तरह से अफरातफरी का माहौल है। बांध के नीचे जमीनी सतह से लगभग 35 फीट गहराई से कटान तेज है। मौके के हालात बताते हैं कि यह बांध किसी भी समय घाघरा के गर्भ में जा सकता है। इसके बाद जेपी गांव में तबाही मचना तय है।

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