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बाढ़ का कहर: खतरे के निशान से सिर्फ 0.58 मीटर नीचे रह गईं गंगा, जलस्तर बढ़ने से पानी का पलटवार; शहर में भी आफत

Fri, 04 Sep 2026 05:32 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 04 Sep 2026 05:32 AM IST
सार

गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहरा गया है। नदी का पानी खतरे के निशान से महज 0.58 मीटर नीचे रह गया है। जलस्तर बढ़ने से पानी का पलटवार शुरू हो गया है। घाटों के बाद अब शहर के निचले इलाकों में भी पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन अलर्ट है।

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Flood Havoc Ganga minimum meters below danger mark rising water levels cause backflow city also distress
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से परेशानी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगा का जलस्तर दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। गंगा खतरे के निशान को छूने को आतुर हैं। बृहस्पतिवार को जलस्तर बढ़ कर 70.68 मीटर दर्ज किया गया। अब जलस्तर खतरे के निशान से महज 0.58 मीटर ही नीचे है। जिला प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जलस्तर में पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है।

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गंगा और वरुणा के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों में रहने वालों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। अब तक 566 परिवारों और 1381 लोग अपने घरों को छोड़ शेल्टर होम में शिफ्ट हो गए हैं। इनके अलावा 3843 लोग अपने रिश्तेदारों, परिचितों या किराये के मकान में शिफ्ट हैं। बाढ़ के कारण शवों को मणिकर्णिका घाट तक लाना भी दुश्वार हो गया है। 
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शमशान तक पहुंचाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ के चलते शवों के आने का सिलसिला भी कम हुआ है, लेकिन जो शवयात्री आ रहे हैं, उन्हें गंदगी, कीचड़, मलबे और कंधे तक पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में शवदाह हो रहा है।

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रामेश्वर मठ में आधा फीट घुसा बाढ़ का पानी
गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद नगवा नाला में पानी बढ़ने के बाद पानी रामेश्वर मठ में प्रवेश कर गया। बृहस्पतिवार भोर में मठ के भीतर पानी घुस गया। करीब आधा फीट पानी मठ के निचले तल में लग गया है। मठ में रहकर पढ़ने वाले छात्रों को रामेश्वर मठ से दूसरे जगह शिफ्ट कर दिया गया।

आधा फीट पानी और बढ़ा तो नगवा हरिजन बस्ती सोनकर बस्ती में और नाले के किनारे बने घरों में पानी घुस जाएगा। वहीं, सीर गोवर्धनपुर वार्ड में मारुति नगर कॉलोनी में पानी का दबाव बढ़ने से गुलाब लाॅज के पास नाला भर गया। नाला भरने के बाद 24 के करीब मकान के अगल-बगल एक से दो फीट पानी भर गया है। काॅलोनी में पानी भरने के बाद बिजली सप्लाई बंद होने से लोग परेशान हैं। 

पिपरी गांव के राजभर बस्ती से पलायन शुरू
चौबेपुर में द नदी व गोमती नदी के बीच बसा पिपरी गांव चारों तरफ बाढ़ के पानी से घिर गया है। मठिया गांव से पिपरी, धौरहरा से बेला मार्ग पर पानी भर जाने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। बृहस्पतिवार को दो नावों से राजभर बस्ती के लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। यहां के लोग हरिहरपुर गांव पहुंच रहे हैं। वहीं, चिरईगांव के रामपुर की दलित बस्ती में छह परिवारों ने रामपुर प्राथमिक विद्यालय में राहत शिविर में शरण ली।

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