Flood Alert: काशी में खतरे के निशान से 49 सेंटीमीटर नीचे जलस्तर, स्थिर हुईं गंगा; 8124 किसान प्रभावित
Varanasi News: काशी के मणिकर्णिका घाट की गली भी जलमग्न होने से वहां नौकाओं से शवों को अंत्येष्टि स्थल तक ले जाना पड़ रहा है। दशाश्वमेध घाट से पानी सड़क तक आ चुका है। पलट प्रवाह के कारण वरुणा का पानी से हजारों आबादी प्रभावित है।
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Flood in Varanasi: चार दिनों से गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के बाद मंगलवार की शाम गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया। गंगा अब खतरे के निशान से 49 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर 70.77 मीटर है।
प्रयागराज में गंगा का जलस्तर स्थिर होने के कारण वाराणसी में भी गंगा के जलस्तर में ठहराव आया है। हालांकि, कई इलाकों में पानी घुसने के कारण बाढ़ राहत शिविरों में भीड़ बढ़ गई है। बाढ़ के कारण 8047 लोग घरों से बेघर हो गए हैं। इनमें से 4701 ने बाढ़ राहत शिविरों में शरण ली है।
बाढ़ के कारण 8124 किसान और 2166.13 हेक्टेयर खेत प्रभावित हैं। केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को सुबह आठ बजे जलस्तर 70.71 मीटर दर्ज किया गया। इसमें प्रतिघंटे एक सेंटीमीटर की धीमी गति से बढ़ाव जारी रहा और शाम चार बजे जलस्तर 70.77 मीटर पर पहुंचकर स्थिर हो गया था और देर रात तक बना रहा। पानी से घिरे निचले इलाकों के कई परिवारों को जिला प्रशासन ने राहत शिविर में शिफ्ट कराया है। अस्सी घाट की गली में पानी भरा हुआ है।
मालवीय पुल पर धीमी गति से गुजर रहीं ट्रेनें
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदू के ऊपर पहुंच गया है। इसे देखते हुए वाराणसी से पटना, आसनसोल, कोलकाता जाने वाली ट्रेनें मालवीय पुल पर धीमी गति से चलाई जा रही हैं। जो भी ट्रेनें दिन और रात में यहां से गुजर रही हैं, उन्हें सावधानी पूर्वक चलाया जा रहा है। उत्तर रेलवे के एडीआरएम बीके यादव ने बताया कि गंगा के जलस्तर की हर घंटे माॅनीटरिंग की जा रही है। मालवीय पुल पर पेट्रोलिंग भी कराई जा रही है। अगर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाता है तो ट्रेनों की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रतिघंटे कर दी जाएगी।