Varanasi News: गोमती नदी में डूब रहीं बच्चियों को बचाने में एक युवती व महिला डूबी, परिवार के सदस्य की मौत के नौवें दिन सभी गईं थी घाट नहाने
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वाराणसी के धौरहरा (पुरापर) गांव में गुरुवार की सुबह स्नान करने गई चार किशोरियों को बचाने के चक्कर में एक युवती और एक महिला गोमती नदी में डूब गईं। दोनों का देर शाम तक पता नहीं लगा और उनकी तलाश जारी है। बचाई गई चार किशोरियों में से दो की हालत गंभीर बताई गई है। घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
चौबेपुर थाना अंतर्गत धौरहरा (पुरापर) गांव निवासी शोभा राजभर के पिता बद्री राजभर की मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को बद्री की मौत का नौवां दिन था। इसके मद्देनजर पितृ को स्नान कर पानी देने के लिए परिवार और पट्टीदारी के पुरुष गांव के समीप से बहने वाली गोमती नदी के किनारे गए थे। घाट स्नान करने के बाद पुरुष घर लौटे तो 24 महिलाएं, युवतियां और किशोरियां नहाने गईं।
स्नान करने के दौरान अंजू (17), सुनीता (15), संजना (14), अन्नू (8) नदी में डूबने लगीं। चारों को बचाने के लिए बीए की छात्रा सपना राजभर (20) नदी में उतरी तो डूबने लगी। पांचों को बचाने के लिए रेखा (35) नदी में उतरी तो सपना ने उसका हाथ मजबूती से पकड़ लिया और दोनों ही डूब गईं। इन दोनों की तलाश पुलिस गोताखोरों की मदद से करा रही है।
वहीं, चोलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराई गई अंजू और सुनीता की हालत गंभीर बताई गई है। ग्रामीणों ने बताया कि रेखा धौरहरा (पुरापर) निवासी मजदूर कल्लू राजभर की पत्नी और तीन बच्चों की मां थी। जबकि, सपना गांव के ही अनिल राजभर की बेटी है और चौबेपुर के एक महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी।
घटना की सूचना पाकर चौबेपुर थानाध्यक्ष संजय त्रिपाठी और फिर जाल्हूपुर के नायब तहसीलदार आलोक रंजन सिंह राजस्व कर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। थानाध्यक्ष ने बताया कि पांच गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम युवती और महिला की तलाश में लगी हुई है।
जान की बाजी लगाकर चार की बचाई जान, युवती को बचाने में डूब गईं रेखा
धौरहरा (पुरापर) की रेखा जब महिलाओं के साथ नहाने के लिए गोमती किनारे पहुंची, तभी परिवार की चार बच्चियां अंजू, सुनीता, संजना और अन्नू पानी की तेज धार में डूबने लगी। रेखा ने अपनी जान की बाजी लगाकर चारों को बचा कर बाहर निकाल लिया। इसी बीच परिवार की सपना भी नदी की तेज धार में फंस गई।
तैरते हुए रेखा ने सपना को बचाने का भरपूर प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रेखा का हाथ पकड़ कर सपना उसके ऊपर पलटी, तभी दोनों पानी में समा गई। परिजनों ने बताया कि रेखा पहले से ही तैरना जानती थी। तैराकी के चलते ही वह चार बच्चियों की जान बचा ली। यदि रेखा के शरीर पर सपना पलटी न होती तो शायद दोनों बच जातीं।
घर में पहले से ही था मातम, फिर मच गया कोहराम
धौरहरा (पुरापर) निवासी शोभा राजभर अपने पिता बद्री राजभर को मुखाग्नि दिए हैं। बृहस्पतिवार को नवां दिन यानी पितृ को पानी देने का अंतिम दिन था। परिवार और घर की सभी महिलाएं घाट पर पानी देने गई थीं। वहीं शोभा राजभर शुक्रवार को दशगात्र (दसवां) की तैयारी कर रहे थे कि अचानक कोहराम मच गया। दरवाजे पर बैठे परिवार और रिश्तेदार संग दौड़ कर शोभा नदी किनारे पहुंचे। इस घटना को लेकर गांव के साथ ही आसपास के इलाके में भी कोहराम मचा हुआ था।
चौबेपुर क्षेत्र में पहले भी हुए हैं ऐसे हादसे
बीती 13 जुलाई को नरपतपुर निवासी दो दोस्त सतीश गुप्ता और संदेश बरनवाल गौरीशंकर महादेव मंदिर घाट पर गंगा में नहाने गए थे। नहाने के दौरान सतीश डूबने लगा तो संदेश ने उसे बचाने की कोशिश की। तेज बहाव के कारण दोनों गंगा में डूब गए थे।इसके पहले बीते अप्रैल माह में अपने दोस्तों के साथ कैथी मार्कंडेय महादेव मंदिर में दर्शन से पहले गंगा में स्नान कर रहा झांझूपुर गांव का गोविंद त्रिपाठी डूबने लगा था। उसे बचाने उसका दोस्त विकास तिवारी गया और डूबने से उसकी मौत हो गई थी।