पांच फर्जी डिग्रीधारक शिक्षक हुए बर्खास्त, इससे पहले भी पांच को और नौकरी से निकाला था
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आगरा विश्वविद्यालय के फर्जी बीएड डिग्री पर नौकरी कर रहे आजमगढ़ जिले में पांच और शिक्षकों की बर्खास्तगी हो गई है। इन्हें एसआईटी जांच में चिह्नित किया गया था। इससे पहले पांच फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। अभी एक और फर्जी चिह्नित शिक्षक पर कार्रवाई होनी बाकी है।
आगरा विश्वविद्यालय के 2005 सत्र की बीएड डिग्री फर्जी थी। इस फर्जी डिग्री के आधार पर कई लोगों ने बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक की नौकरी प्राप्त कर ली। एसआईटी के माध्यम से इस प्रकरण की जांच कराई गई तो जिले में ऐसे 11 शिक्षक चिह्नित किए गए।
इसमें से पांच शिक्षकों को पूर्व में ही बर्खास्त कर दिया गया था। शेष छह को कोर्ट में मामला चलने के कारण बर्खास्त तो नहीं किया गया था लेकिन वेतन रोक कर उनसे तैनाती विद्यालयों पर काम कराया जा रहा था। इन छह फर्जी शिक्षकों में से पांच पर भी गाज गिर गई है। फर्जी चिह्नित शिक्षकों पर कार्रवाई को लेकर शासन से कड़े पत्र जारी किए गए थे।
इसके साथ ही अमर उजाला ने 26 जून के अंक में फर्जी व कूटरचित अभिलेखों पर तैनात शिक्षकों की जाएगी नौकरी शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसे देखते हुए बेसिक शिक्षाधिकारी ने 11 चिह्नित फर्जी शिक्षकों में शेष बचे छह शिक्षकों अजय कुमर सिंह, गोविंद कुमार, राम प्रसाद सोनकर, आदित्य कुमार व जितेंद्र बहादुर सिंह को भी बर्खास्त करने का नोटिस जारी कर दिया।
इसके पूर्व बर्खास्त हुए शिक्षकों में दीपक गुप्ता, नम्रता यादव, मेनका सिंह, संगीता गुप्ता व उदयभान यादव शामिल थे। अभी भी एक शिक्षक के बर्खास्तगी की कार्रवाई बाकी है। अब बर्खास्त किए गए शिक्षकों से रिकवरी व एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश भी प्रभारी बीएसए अमरनाथ राय ने संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को दिया है।