एम्स के बैंक खाते से 12 करोड़ उड़ाने वाले एसबीआई बैंक कैशियर सहित पांच हैकर आजमगढ़ से गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़ जिले के महराजगंज थाने की पुलिस द्वारा 13 दिसंबर को गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की निशानदेही पर सोमवार की शाम महराजगंज थाने की पुलिस ने साइबर सेल की मदद से एसबीआई के बैंक कैशियर सहित पांच हैकरों को गिरफ्तार किया।
महराजगंज थाने के देवनपुर पेट्रोल पंप के पास से गिरफ्तार इन हैकरों के पास से दो लैपटाप और तीन मोबाइल बरामद हुए। पूछताछ के दौरान इन सभी ने कबूल किया कि दिल्ली एम्स के बैंक खाता से चेक क्लोनिंग करके 12 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। जबकि जिला भूमि पदाधिकारी बैंक खातों के अलावा कई मंत्री और विधायकों के खातों को भी साफ कर चुके हैं। इनका सहयोग स्टेट बैंक का कैशियर के अलावा आईसीआईसीआई बैंक के कर्मचारियों की भी संलिप्तता है। उन लोगों की तलाश की जा रही।
पुलिस के मुताबिक यह बदमाश स्विस बैंक पर डाका डालने की योजना बना रहे थे। एसपी त्रिवेणी सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में शशिरंजन मौर्य पुत्र लक्ष्मण प्रसाद गोरखपुर शहर के बदगोन्यू शिवपुरी कालोग का निवासी है। वह स्टेट बैंक का कैशियर है।
संजय पुत्र ओमप्रकाश गोरखपुर जिले के गगहा थाने के लखैड़ी सहेरुआ गांव का निवासी है। संजय भी बैंक कर्मचारी है। योगेंद्र कुमार पुत्र रामरुप गोरखपुर जिले के गगहा थाने के लखैड़ी सहेरुआ का निवासी है। वह ग्राहक सेवा केंद्र चलाता है। कुलदीप सिंह उर्फ अंश पुत्र रामबाबू देवरिया जिले के भलुवनी थाने के भैया फूलवरिया गांव का निवासी है।
वह हैकर और लक्ष्मण यादव पुत्र सुभाष मऊ जिले के मोहम्मदाबाद थाने के अनुवापार गांव का निवासी है। वह भी हैकर है। पुलिस सभी का चालान कर दी। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
अपराध करने का तरीका
एसपी के मुताबिक यह आरोपी क्रेडिट, डेविट कार्ड का ट्रैक 1 और ट्रैक 2 डाटा प्राप्त कर उसकी डंपिंग एवं क्लोनिंग करते हैं। विभिन्न वेबसाइट्स के माध्यम से डिलींग एजेंट का कम्यूनिकेशन नंबर प्राप्त करते हैं। मैसेजिंग एप आईसीक्यू टेलीग्राम से संपर्क करते हैं।
उसके बाद क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से पेमेंट कर इंटरनेशनल क्रेडिंट या डेबिट कार्ड का मैगनेटिक स्ट्रिप का ट्रैक 1 और ट्रैक 2 टाडा पिन के साथ प्राप्त करते हैं। एमएसआर साफ्टवेयर एवं डिवाइस के माध्यम से ब्लैंक कार्ड पर मैगनेटिक स्ट्रिप के डाटा को राइट कर उस कार्ड का क्लोन तैयार कर खातों से रुपये निकाल लेते थे।
इस तरह से छिपाते थे पहचान
एसपी त्रिवेणी सिंह के मुताबिक आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए कंप्यूटर या लैपटाप में वीपीएम और मैक एडेंस चेंजर का इस्तेमाल करते थे। उसके बाद विभिन्न वेबसाइट्स के जरिए डिलींग एजेंस का कम्यूनिकेशन नंबर प्राप्त कर वाट्सएप टेलेग्राम से संपर्क करते हैं।
क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से पेमेंट इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड का डाटा प्राप्त कर आनलाइन शापिंग साइट्स पर जाकर एक फर्जी इमेल एकाउंट से रजिस्टेशन करते हैं। शापिंग साइटंस से कोई भी सामान सलेक्ट कर इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड की डिटेल डालकर पेमेंट करते थे। फर्जी आईडी के जरिए सामान मंगाकर स्वयं ले लेते थे। इस तरह से इनकी पहचान नहीं हो पाती थी।
चेक क्लोनिंग कर किए हैं अपराध
एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि बैंक के कर्मचारियों की मिली भगत से खाता धारकों का सिग्नेचर, बैंक स्टेटमेंट सहित अन्य जानकारी लेकर चेक का क्लोन तैयार करते थे। चेक क्लोनिंग में मुशीर नकवी उर्फ अब्बास, देश बंधु पांडेय और आईसीआईसीआई बैंक के अश्वनी सहित अन्य की मदद लेते थे।
एसपी ने बताया कि आरोपी दिल्ली एम्स के बैंक खाता से चेक क्लोनिंग के जरिए 12 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। जबकि जिला भूमि पदाधिकारी बैंक खातों सहित कई बड़ी कंपनियों के अलावा मंत्री और विधायकों के खातों से भी रुपये उड़ा चुके हैं। आरोपियों ने बताया कि स्वीस बैंक में डाका डालने की योजना तैयार कर रहे थे।
इन उपकरणों का करते थे इस्तेमाल
एसपी के मुताबिक आरोपी अपराध करने में कंप्यूटर, लैपटाप, काली लाइनक्स, विंडोज आपरेटिंग सिस्टम, वीपीएम, मैक एडेंस चेंजर, क्लीनर साफ्टवेयर (कुकीज, हिस्ट्री डिलीज) कोडलिंग साफ्टवेयर, हैकआफर डिवाइस, कम्यूनिकेशन, मैसेजिंग एवं, पेमेंट के लिए क्रिप्टोकरेंसी, ब्लैंक कार्ड आदि का इस्तेमाल करते थे। इनकी मोबाइल चेक करने पर कई विदेशी नंबर और ग्रुपों की जानकारी हुई है। रिकार्ड खंगाला जा रहा।
इस तरह से खुला राज
एसपी के मुताबिक महराजगंज थाने के देवारा तुर्क चारा गांव निवासी बलिराम यादव ने 12 दिसंबर को थाने में खाते से 85 हजार रुपये गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच कर रामजीत यादव, रामप्रवेश यादव, सुभाष यादव और रामप्रताप यादव को गिरफ्तार कर ली। इन आरोपियों से हुई पूछताछ के दौरान इस गिरोह के सदस्यों का पता चला। एसपी ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही।