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Varanasi News: वाराणसी से ओडिशा में नकली दवा की सप्लाई करने वाले पांच गिरफ्तार

Wed, 26 Apr 2023 12:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 26 Apr 2023 12:48 AM IST
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Five arrested for supplying fake medicine
नकली दवाओं की खेप ओडिशा सप्लाई करने के आरोप में अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को मंगलवार को एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने केदारघाट और टड़िया चकबीही क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान दारानगर के चंद्रशेखर सिंह, गंगानगर कॉलोनी के मूल निवासी व टड़िया चकबीही में रहने वाले रितेश जायसवाल, केदारघाट के शुभम जायसवाल, बड़ी पियरी के अभिषेक कुमार सिंह और पाटन दरवाजा के गौरव शर्मा के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से लगभग 25 लाख रुपये मूल्य की नकली दवाएं, फर्जी बिल, पांच मोबाइल और एक लैपटॉप बरामद किया गया है।
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एसटीएफ की वाराणसी इकाई के एडिशनल एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि बीते दो मार्च को सिगरा क्षेत्र से अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लगभग साढ़े सात करोड़ रुपये की नकली दवाएं बरामद की गई थी। इस मामले में 15 अन्य लोगों को नामजद किया गया था, जिसमें से तीन आरोपी सिगरा थाने की पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। इस प्रकरण की जांच के दौरान पता लगा कि वाराणसी से नकली दवाओं की खेप ओडिशा के बरगढ़ और झारसुगुड़ा जिला भी भेजी जाती थी। इस संबंध में ओडिशा में बरगढ़ और झारसुगुड़ा में दो मुकदमे भी दर्ज हैं।
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इसी क्रम में ओडिशा की पुलिस ने एसटीएफ की वाराणसी इकाई से संपर्क किया। बताया कि नकली दवा की सप्लाई करने वाले आरोपी वाराणसी के ही रहने वाले हैं। आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसटीएफ के इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में ओडिशा पुलिस के साथ संयुक्त टीम गठित की गई। सर्विलांस की मदद से केदारघाट से शुभम और अभिषेक को पकड़ा गया। दोनों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर चंद्रशेखर, रितेश और गौरव को गिरफ्तारी किया गया। आरोपियों को अदालत में पेश कर ओडिशा पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले जाएगी।
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लाइसेंसी फर्म की आड़ में भेजते थे नकली दवा



एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अभिषेक कुमार सिंह और शुभम जायसवाल अपना-अपना लाइसेंस बनवा कर दवाओं की सप्लाई का काम करते थे। दवाओं की सप्लाई के काम के दौरान ही चंद्रशेखर सिंह, रितेश जायसवाल और गौरव शर्मा से उनका संपर्क हुआ था। चंद्रशेखर, रितेश और गौरव की जान-पहचान नकली दवा सप्लाई करने वाले गिरोह के सरगना अशोक कुमार से थी और तीनों उसके लिए काम भी करते थे। अशोक व उसके गिरोह के अन्य सदस्य उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से नकली दवा मंगवा कर अभिषेक और शुभम के लाइसेंसी फर्म के माध्यम से ओडिशा में बरगढ़ स्थित अशोक मेडिकल हॉल और झारसुगुड़ा स्थित अमित मेडिकल एजेंसी को सप्लाई करने लगे। ओडिशा में जब दो मुकदमे दर्ज हुए तो शुभम और अभिषेक दवा सप्लाई के अपने लाइसेंस को निरस्त करा लिए थे। फिलहाल शुभम और अभिषेक नकली दवा की सप्लाई का काम चंद्रशेखर, रितेश और गौरव के माध्यम से बगैर फर्म के ही कर रहे थे।
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