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प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर बेरोजगारों से ऐंठे लाखों रुपए, बनारस से पांच गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 07 Jun 2018 02:13 PM IST
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पुलिस में गिरफ्त आए आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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बनारस में पुलिस ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर जिले में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्त में आए लोगों की शिनाख्त गिरोह के सरगना लोहता के हैबतपुर के अवधेश मिश्रा उर्फ रिंकू, उसकी सास और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चौबेपुर के चंद्रावती की नीलम पांडेय, चंद्रावती के रोहित त्रिपाठी उर्फ दीपू व किरन जायसवाल और हैबतपुर के शैलेष उर्फ गुड्डू उपाध्याय के तौर पर हुई है। मौके से पुलिस को चकमा देकर लोहता के छिनौती का रवि श्रीवास्तव भाग निकला।
एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने बताया कि बनारस, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर सहित आसपास के अन्य जिलों के कई बेरोजगारों ने शिकायत की थी कि उनके साथ प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर धोखाधड़ी हुई है। इस सूचना पर सीओ सदर अंकिता सिंह ने लोहता पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम के साथ तफ्तीश शुरू की।
गिरफ्त में आए आरोपियों ने बताया कि एक एनजीओ के माध्यम से वे बेरोजगारों का नौकरी का झांसा देकर तीन हजार से 10 हजार रुपये ऐंठ कर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का फार्म भरवाते थे। इसके बाद फर्जी आई कार्ड और फर्जी सर्टिफिकेट देते थे।
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बेरोजगारों को जब सर्टिफिकेट से नौकरी नहीं मिली तो धोखाधड़ी का खेल उजागर होना शुरू हुआ। अवधेश इस गैंग का सरगना है और ग्रामीण इलाके के बेरोजगारों को शिकार बनाने में उसकी सास नीलम मदद करती थी।
गिरफ्त में आए आरोपियों के पास से छह सीपीयू, चार मॉनीटर, फर्जी सर्टिफिकेट, 1600 रुपये बरामद कर सभी को जेल भेज दिया गया। अवधेश के खिलाफ धोखाधड़ी, कूट रचना, गुंडा एक्ट सहित अन्य आरोपों में 10 मुकदमे दर्ज हैं।
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गिरफ्त में आए लोगों की शिनाख्त गिरोह के सरगना लोहता के हैबतपुर के अवधेश मिश्रा उर्फ रिंकू, उसकी सास और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चौबेपुर के चंद्रावती की नीलम पांडेय, चंद्रावती के रोहित त्रिपाठी उर्फ दीपू व किरन जायसवाल और हैबतपुर के शैलेष उर्फ गुड्डू उपाध्याय के तौर पर हुई है। मौके से पुलिस को चकमा देकर लोहता के छिनौती का रवि श्रीवास्तव भाग निकला।
एसपी ग्रामीण अमित कुमार ने बताया कि बनारस, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर सहित आसपास के अन्य जिलों के कई बेरोजगारों ने शिकायत की थी कि उनके साथ प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर धोखाधड़ी हुई है। इस सूचना पर सीओ सदर अंकिता सिंह ने लोहता पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम के साथ तफ्तीश शुरू की।
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गिरफ्त में आए आरोपियों ने बताया कि एक एनजीओ के माध्यम से वे बेरोजगारों का नौकरी का झांसा देकर तीन हजार से 10 हजार रुपये ऐंठ कर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का फार्म भरवाते थे। इसके बाद फर्जी आई कार्ड और फर्जी सर्टिफिकेट देते थे।
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बेरोजगारों को जब सर्टिफिकेट से नौकरी नहीं मिली तो धोखाधड़ी का खेल उजागर होना शुरू हुआ। अवधेश इस गैंग का सरगना है और ग्रामीण इलाके के बेरोजगारों को शिकार बनाने में उसकी सास नीलम मदद करती थी।
गिरफ्त में आए आरोपियों के पास से छह सीपीयू, चार मॉनीटर, फर्जी सर्टिफिकेट, 1600 रुपये बरामद कर सभी को जेल भेज दिया गया। अवधेश के खिलाफ धोखाधड़ी, कूट रचना, गुंडा एक्ट सहित अन्य आरोपों में 10 मुकदमे दर्ज हैं।