काशी में खुला पहला वाटर बैंक, जल की बर्बादी नहीं करने के लिए भरवाया जा रहा शपथ पत्र
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काशी में शुद्ध पेयजल का संकट कई मोहल्लों में बना हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच और विशाल भारत संस्थान की ओर से शक्कर तालाब मोहल्ले में पानी बैंक खोला गया है। इस बैंक में आने वालों को रोजाना 20 से 80 लीटर शुद्ध जल निशुल्क मुहैया कराया जा रहा है।
इसके साथ ही यहां पर आने वालों को जल की बर्बादी ना करने की शपथ भी दिलाई जा रही है। फिलहाल दो सौ परिवारों को इस सुविधा का लाभ मिल रहा है। पानी बैंक में खाता खोलने के लिए आधार कार्ड होना जरूरी है।
शपथ पत्र भरते लोग
बैंक के चेयरमैन डॉ राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि सारी कार्य प्रणाली नियमित बैंक की तरह है। पानी बैंक के सदस्य का खाता होता है, जिसमें कौन रोज कितना लीटर पानी ले जाता है उसकी एंट्री होती है। साथ ही पानी लेने के लिए विद्ड्रॉल फॉर्म भरना होता है। सभी का रिकॉर्ड रखा जाता है। ये पानी बैंक सुबह और शाम दो घंटे के लिए खुलता है। अब तक करीब 200 परिवारों को ये पानी बैंक अपनी सेवाएं दे रहा है। इस बैंक में मैनेजर और अन्य स्टाफ को मिला कर 6 लोग काम करते हैं।
इसकी परिकल्पना मुस्लिम राष्ट्रीय मंच और विशाल भारत संस्थान ने की है। पीएम मोदी के जल संचयन के उद्देश्य से इस बैंक को खोला गया है। इस बैंक के सदस्य बनने के लिए और यहां खाता खुलवाने के लिए व्यक्ति को आधार कार्ड और अपनी तीन फोटो देनी होती हैं ताकि पानी ले जाने वाले व्यक्ति की पहचान के साथ ये भी सुनिश्चित हो कि वह अपने परिवार के लिए ही पानी ले जा रहा है।
पानी की बर्बादी को लेकर खाता धारक की काउंसलिंग भी की जाती है। पानी बैंक 20 से 80 लीटर तक पानी मुहैया करवाता है। अभी यह बैंक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खोला गया है, भविष्य में इसे और भी इलाकों में खोला जाएगा।