देश के पहले आईएमएस को नए साल में मिल सकती है हरी झंडी, पीएमओ को भेजी जाएगी रिपोर्ट
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नए साल में वाराणसी को देश के पहले इंटर मॉडल स्टेशन (आईएमएस) की सौगात मिल सकती है। प्रधानमंत्री कार्यालय की सक्रियता के बाद काशी स्टेशन के आसपास करीब 30 एकड़ जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम बनाई जाएगी और 10 दिन में यह टीम संयुक्त सर्वे रिपोर्ट मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल को सौंपेगी। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट पर अध्ययन कर पीएमओ इस परियोजना पर अंतिम निर्णय लेगा।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात देने जा रहा है। काशी रेलवे स्टेशन परिसर में ही करीब 25 हेक्टेयर में इंटर मॉडल स्टेशन (आईएमएस) बनाया जाएगा। करीब चार साल पहले बनी इस योजना को अब तक जमीन पर नहीं उतारा जा सका था। काशी स्टेशन के पास जमीन पर अतिक्रमण और अन्य कारणों से कई बार सर्वे के बाद भी इस पर प्रभावी काम नहीं हो पाया। अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस फाइल पर रिपोर्ट तलब की है।
योजना के अनुसार यहां एक ही परिसर से रेल, मेट्रो रेल, रोड ट्रांसपोर्ट और इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट की सुविधा होगी। इसकी ड्राइंग तैयार है। एनएचएआई ने तीन साल पहले इसका सर्वे भी किया था। इसके लिए काशी रेलवे स्टेशन परिसर के पास करीब 25 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई थी।
एक स्टेशन से मिलेगा यात्रा के चार विकल्प
आईएमएस बनने के बाद यहां पहुंचने वाले लोगों को शहर में आवागमन के चार विकल्प होंगे। रोड ट्रांसपोर्ट में टैक्सी, सिटी बस, ऑटो आदि की सुविधाएं होगी। रेल से अन्य शहरों और मेट्रो से शहर के अंदर विभिन्न स्थानों तक आवागमन की सुविधा होगी। इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट भी विकसित किया जाएगा। इसके लिए गंगा के कई घाट विकसित किए जाएंगे। चारों तरह के ट्रांसपोर्ट का यहां ट्रांजिट होगा।
संयुक्त टीम दस दिन में देगी रिपोर्ट
आईएमएस की बाधाओं पर गठित संयुक्त टीम अपनी रिपोर्ट देगी। इसमें रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण है और आसपास की जमीनों के अधिग्रहण की आवश्यकता होगी। ऐसे में हर पहलू पर जांच के बाद रिपोर्ट में बाधाओं को दूर करने के विकल्प दिए जाएंगे। इसके बाद इसी रिपोर्ट के आधार पर पीएमओ से परियोजना में यथासंभव मदद मांगी जाएगी।
इंटर मॉडल स्टेशन के लिए संबधित विभागों से संयुक्त रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर भारत सरकार को विस्तृत जानकारी भेजी जाएगी। - दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त