वाराणसीः खाना लेकर अस्पताल जा रहे किराना व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस
हाइवे पर गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर आसपास के लोग सहम उठे। राहगीरों और आसपास के लोगों की सूचना पाकर रोहनिया थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। खून से लथपथ राजेश जायसवाल उर्फ खन्ना ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
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वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के करनाडाडी ओवरब्रिज पर बृहस्पतिवार की रात बाइक सवार बदमाशों ने किराना व्यवसायी राजेश जायसवाल उर्फ खन्ना की गोली मारकर हत्या कर दी गई। व्यवसायी बाइक से भदवर स्थित अस्पताल में भर्ती सास को खाना देने के लिए जा रहा था। घटनास्थल से पुलिस ने .32 बोर के चार कारतूस बरामद किए। मौके पर एसपी ग्रामीण सहित क्राइम ब्रांच की टीम जांच पड़ताल में जुटी हुई है। घटना से हर कोई हतप्रभ है। किसी से कोई रंजिश और दुश्मनी नहीं होने के बावजूद अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हुई हत्या समझ से परे हैं।
मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के तमाचाबाद निवासी राजेश जायसवाल उर्फ खन्ना (46) गांव में ही आटा चक्की और किराना की दुकान चलाते थे। वह पिछले चार दिनों से भदवर स्थित अस्पताल में भर्ती गोपीगंज भदोही निवासी सास निर्मला देवी को हर रोज खाना पहुंचाते थे। देर शाम घर से भदवर स्थित अस्पताल में भर्ती सास के लिए खाना लेकर बाइक से निकले।
लगभग साढ़े सात बजे के बाद हाइवे स्थित कन्नादाड़ी ओवरब्रिज पर बाइक सवार दो बदमाश पीछा करते हुए राजेश के नजदीक आए और पीछे बैठे बदमाश ने लक्ष्य करके अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। हाइवे पर गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर आसपास के लोग सहम उठे। राहगीरों और आसपास के लोगों की सूचना पाकर रोहनिया थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।
खून से लथपथ राजेश जायसवाल उर्फ खन्ना ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। जानकारी पाकर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अमित कुमार, एएसपी ग्रामीण नीरज पांडेय भी फोर्स संग मौके पर पहुंच घटना की तस्दीक की। राजेश के गांव निवासी एक व्यक्ति ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में मौजूद प्रयागराज के बरौत निवासी साढू प्रवीण कुमार और परिजन पहुंच गए। पुलिस परिजनों से पूछताछ करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बीएचयू भेजा।
भाई विजय जायसवाल के अनुसार उसकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। व्यवसायी राजेश जायसवाल की पत्नी साधना देवी, बेटा करन (18) और बेटी आंचल (15) शव देखते ही बेसुध हो गए। किसी तरह लोगों ने परिजनों को संभाला। पिता भोला जायसवाल और माता का पहले ही निधन हो चुका है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गईं हैं।
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हत्या में करीबी पर ही घूम रही शक की सुई
पुलिस की तफ्तीश में अब तक यही सामने आया है कि किसी करीबी ने ही वारदात को अंजाम दिया है। पहले बाकायदा राजेश की रेकी की गई और फिर सुनसान स्थल देख बदमाशों ने गोली मारी। कातिलों को मालूम था कि राजेश शाम को अपनी सास को खाना पहुंचाने जाते थे।, उधर, जिस तरीके से हत्या हुई है, उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि पेशेवर शूटरों ने घटना को अंजाम दिया।
32 बोर के पिस्टल से गोलियां बरसाई गई। जब तक बदमाश आश्वस्त नहीं हो गए कि राजेश की मौत हो गई तब तक बदमाश गोली दागते रहे। कुल चार गोलियां फारेंसिक टीम ने तस्दीक की। पहले बांह और फिर सीने में गोली मारी गई। लोगों ने बताया कि परचून व्यवसायी राजेश जायसवाल का परिवार काफी सज्जन है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में किसी से कोई अनबन नहीं है।
सबसे राजेश स्नेहिल भाव से मिलते थे। बच्चे से बुजुर्गों तक राजेश सबके चहेते थे। घटना से हर कोई हतप्रभ है। किसी से कोई रंजिश और दुश्मनी नहीं होने के बावजूद अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हुई हत्या समझ से परे हैं। जमीन और अन्य कोई ऐसी बात भी नहीं थी कि राजेश का किसी से कोई टकराहट भी नहीं थी। हालांकि हत्या रंजिश में ही बात सामने आ रही है।