कोरोना से जंग: वाराणसी में कोविड के सक्रिय मामले 10 हजार से कम, आज 783 नए मरीज मिले, 12 की मौत
वाराणसी जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में अब धीरे-धीरे कमी आती जा रही है। जहां मई के पहले सप्ताह में 1000 से 1500 हर दिन मरीज मिले वहीं अब संख्या 1000 के कम हो गई है। गुरुवार को 10 हजार 89 सैम्पल की जांच में 783 नए मरीज मिले जबकि 12 की मौत हुई है.
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वाराणसी जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में अब धीरे-धीरे कमी आती जा रही है। जहां मई के पहले सप्ताह में 1000 से 1500 हर दिन मरीज मिले वहीं अब संख्या 1000 के कम हो गई है। गुरुवार को 10 हजार 89 सैम्पल की जांच में 783 नए मरीज मिले जबकि 12 की मौत हुई है. अब कुल 77727 मरीजों में 68456 के डिस्चार्ज, 672 की मौत के बाद 8599 एक्टिव मरीज हैं.
वहीं लगातार ठीक होते लोगों की संख्या में हो रहा इजाफा कोरोना वायरस के दूसरे लहर के थमने की ओर इशारा कर रहे हैं। अब रोजाना करीब 10 हजार सैंपल जांचे जा रहे हैं जिसकी वजह से सक्रिय मामलों का पता भी शीघ्रता से होने की वजह से इलाज भी समय से मिल रहा है जिसकी वजह से मौत के तेजी से बढ़ते आंकड़े भी थमे हैं।
बता दें कि कोरोना काल में अब तक सबसे ज्यादा अप्रैल में 42740 नए मरीज मिले थे, जबकि 176 मरीजों की मौत भी हुई थी। अप्रैल के मुकाबले इस बार संक्रमित मरीजों के मिलने के ग्राफ में थोड़ी कमी आई है।
कोविड हास्पिटल में 937 बेड खाली
वाराणसी के कोविड अस्पतालों में लगातार बेड खाली होते जा रहे हैं। इसमें जहां निजी अस्पतालों से मरीज को परिजन रेफर कर बीएचयू स्थित डीआरडीओ अस्पताल में भर्ती करवा रहे हैं वही अस्पतालों से डिस्चार्ज होने वालों की संख्या में भी थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। अब कोविड अस्पतालों में 937 बेड खाली हो गए हैं, ऐसे में कोरोना के लक्षण वाले गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने में कोई परेशानी नहीं होगी।
सरकारी अस्पतालों के 1033 बेड में से 362 बेड खाली हैं जबकि निजी अस्पतालों में कुल 1421 बेड में से 575 बेड खाली हैं। इधर डीआरडीओ में 250 बेड के आईसीयू में भर्ती शुरू होने के बाद चार दिन में ही 148 बेड भर गए हैं।
आधार कार्ड पर कल से मरीजों को मिलेगी रेमेडिसीवीर
कोरोना संक्रमण से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों को अब आसानी से रेमेडिसीवीर इंजेक्शन उपलब्ध हो पाएगा। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित राइफल क्लब में 14 मई सुबह 10 बजे से इसका वितरण शुरू कर दिया गया है। इसके लिए परिजनों को डॉक्टर के लिखे पर्चे के साथ मरीज का आधार या वोटर आईडी कार्ड सहित उसकी छायाप्रति भी लेकर जानी होगी।
वाराणसी डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि इस कार्य के लिए निबन्धन विभाग के उप निबन्धक (प्रथम) डाॅ. राजकरन एवं दो निबन्धन लिपिक रमाशंकर सिंह व सतीश श्रीवास्तव को लगाया गया है। इनके साथ-साथ रेडक्राॅस सोसाइटी के पदाधिकारी भी रहेंगे। यह व्यवस्था शुक्रवार से आगामी कईं दिनों तक चलेगी तथा रेमेडिसीवीर इंजेक्शन उस दिन की उपलब्धता के आधार पर वितरित की जाएगी।