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मनमानी: वाराणसी में 50 नशा मुक्ति केंद्र चल रहे, मान्यता सिर्फ दो को; 14 केंद्रों को नोटिस भेजकर मांगा जवाब

Mon, 05 Jan 2026 02:19 PM IST
प्रगति चंद अभिषेक सेठ, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी।
अभिषेक सेठ, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Mon, 05 Jan 2026 02:19 PM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी में 50 नशा मुक्ति केंद्र बिना पंजीकरण के ही चल रहे हैं। पिछले दिनों सारनाथ में पिटाई से युवक की मौत हो गई थी। जिले में 14 केंद्रों को चिह्नित किया गया है, जो अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं। 

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Fifty Drug de-addiction center operating in Varanasi but only two officially recognized
नशा मुक्ति केंद्र - फोटो : संवाद

विस्तार

वाराणसी जिले में बिना पंजीकरण ही 50 नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं। ये केंद्र न तो मानक और न ही किसी सरकारी आदेश का पालन कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने छह महीने में 14 केंद्रों को चिह्नित किया है जो अवैध रूप से चलाए रहे हैं। नोटिस देकर जवाब मांगा है। 14 बिंदुओं पर जांच चल रही है। सिर्फ दो केंद्र ऐसे हैं जिनकी मान्यता भारत सरकार से है। 

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सारनाथ, भोजूबीर, पांडेयपुर, अर्दली बाजार, पलहीपट्टी, चोलापुर, चौबेपुर, पिंडरा क्षेत्र में अवैध नशा मुक्ति उन्मूलन केंद्र चल रहे हैं। मानक पूरा नहीं है फिर भी लोगों को भर्ती करके इलाज कर रहे हैं। हाल ही में सारनाथ थाना क्षेत्र के परशुरामपुर के बुद्धा सिटी कॉलोनी में जन सुधार नशा मुक्ति केंद्र में आदित्य गोस्वामी की मौत हुई थी। यह केंद्र भी अवैध है। पुलिस की जांच में पता चला कि आदित्य की पिटाई की गई थी। मामले में केंद्र संचालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 
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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चल रही जांच
क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी निर्मालिका सिंह ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्रों से ऑडिट रिपोर्ट मांगी गई है। ज्यादातर बहाने बना रहे हैं। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में केंद्रों की 14 बिंदुओं पर जांच चल रही है। जांच पूरी होते ही कार्रवाई की जाएगी। मंडुवाडीह और चौबेपुर के कोदोपुर में खुला नशा मुक्ति केंद्र वैध है। इनकी मान्यता भारत सरकार से है। 

केंद्र के आवश्यक मानक

  • 15 बेड के लिए कम से कम 15 कर्मचारी जरूरी हैं।
  • प्राथमिक उपचार कक्ष।
  • आपातकालीन दवाइयां और उपकरण।
  • नजदीकी सरकारी/प्राइवेट अस्पताल से रेफरल टाई-अप। 
  • केंद्र के लिए 400 स्कॉयर फीट की जगह होनी चाहिए।
  • केंद्र में किसी भी प्रकार की मारपीट नहीं होनी चाहिए।

 

क्या बोले अधिकारी
पिछले कुछ वर्षों में कई नशा मुक्ति केंद्र अवैध रूप से खुले हैं। प्रशासनिक जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीम सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। जांच पूरी होने पर कार्रवाई होगी। -निर्मालिका सिंह, क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी 

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