{"_id":"681c56c8a43d97c53f04a0e1","slug":"fertilizer-will-be-made-from-silt-of-varuna-river-in-varanasi-2025-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varuna River: वरुणा की गाद से बनेगी खाद, नगर निगम करेगा कमाई, किसानों को कम कीमत पर कराया जाएगा उपलब्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varuna River: वरुणा की गाद से बनेगी खाद, नगर निगम करेगा कमाई, किसानों को कम कीमत पर कराया जाएगा उपलब्ध
Thu, 08 May 2025 12:32 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 08 May 2025 12:32 PM IST
सार
Varanasi News: वाराणसी में वरुणा नदी की गाद को सूखा कर खाद बनाया जाएगा। इसके बाद खाद बनाकर किसानों को कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
वरुणा नदी की मशीन से सफाई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वरुणा नदी से निकलने वाली गाद से खाद बनाने का काम शुरू होगा। इससे नगर निगम की कमाई भी होगी। जल निगम को यहां की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी दी गई। नदी की सफाई के दौरान निकलने वाली गाद को सूखाया जाएगा। इसके बाद खाद बनाकर किसानों को कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
यहां की सफाई के लिए निगम की ओर से 15 सफाई कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। इससे न केवल पर्यावरण के लिहाज से नदी साफ होगी, बल्कि निकलने वाले गाद को खाद में परिवर्तित किया जाएगा। इसके लिए वरुणा पार क्षेत्र में एक सेंटर खोला जाएगा।
विज्ञापन
पिछले दिनों एक कंपनी ने काफी कचरा एकत्र किया था। गाद को एकत्र करने के बाद उसे शेड में ड्राई किया जाएगा। मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर में भेजने के बाद खाद बनाया जाएगा।इसे स्थानीय किसानों को उचित कीमत पर दिया जाएगा। इसके लिए पूरी कार्ययोजना बनाई गई है।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें; Varanasi News: बाबा विश्वनाथ को चढ़ाई 1100 कमल के फूलों की माला, ऑपरेशन सिंदूर के बाद धाम में विशेष पूजन
इसके साथ ही यहां गिरने वाले नाले को भी टैप किया जाएगा। इसके लिए नदी के दोनों तरफ इंटरसेप्टर लाइन बिछाई जाएगी। जिसे एसटीपी से जोड़ा जाएगा। ताकि यहां गिरने वाले सीवर को एसटीपी तक पहुंचाया जा सके।
सीवर को फिल्टर करने के बाद ट्रीटेड वाटर को सिंचाई में इस्तेमाल किया जाएगा। यहां से निकलने वाले गाद को खाद बनाने वाले सेंटर पर भेजा जाएगा।