Dog News: वाराणसी में एकल बैरक में कैदियों की तरह रहेंगे खूंखार कुत्ते, 40 बैरक बनकर तैयार; जानें- क्या है खास
Varanasi News: वाराणसी में खूंखार कुत्तों को अब एकल बैरक में कैदियों की तरह रखा जाएगा। इसके लिए 40 बैरक बनाए गए हैं। वहीं ऐढ़े में खुले एबीसी सेंटर में 10 सामूहिक बैरक भी बनकर तैयार हैं।
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खूंखार कैदी की तरह शहर के खूंखार कुत्तों को एकल बैरक में रखा जाएगा। इस प्रकार की व्यवस्था नगर निगम ने बनाई है। ऐढ़े में बनकर तैयार एबीसी सेंटर में 40 एकल और 10 सामूहिक बैरक टाइप बनाए गए हैं। एकल में एक और सामूहिक में 10 कुत्ते साथ रहेंगे। एकल बैरक में खूंखार और रैबीज वाले कुत्ते को रखकर इलाज किया जाएगा जबकि सामूहिक में सामान्य कुत्तों का इलाज किया जाएगा। इसके बाद कुत्तों का व्यवहार सामान्य होने पर जहां से उठाया जाएगा वहीं लाकर छोड़ा जाएगा।
निगम कुत्तों का बंध्याकरण करेगा। इसके लिए लालपुर-ऐढ़े क्षेत्र में एक अत्याधुनिक एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर का निर्माण किया गया है। सेंटर में दरवाजे, खिड़कियों समेत सभी सुविधाएं हैं। इसके अगले माह से संचालन शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए टेंडर हो चुका है।
इस सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी आउटसोर्सिंग पद्धति से सौंपी जाएगी। जिसके लिए टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। खास बात यह है कि इस सेंटर में एक दिन में 30 से अधिक कुत्तों के बंध्याकरण की व्यवस्था होगी, जिससे आवारा कुत्तों की बढ़ती जनसंख्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
1.82 करोड़ रुपये की लागत से एक एकड़ भूमि पर निर्मित यह सेंटर वाराणसी का पहला बड़ा और व्यवस्थित एबीसी केंद्र होगा। यहां कुत्तों के लिए कुल 40 एकल बैरक बनाए गए हैं, जबकि बंध्याकरण उपरांत निगरानी और विश्राम के लिए 10 सामूहिक बैरक भी तैयार किए गए हैं। इस भवन के भूतल पर पांच कमरे, दो किचन, दो शौचालय और एक बेसिंग रूम तैयार किया गया है। प्रथम तल पर भी दो कमरे, एक किचन और एक शौचालय की सुविधा है। इसके अतिरिक्त सेंटर में एक ऑपरेशन थिएटर (ओटी), वैक्सीनेशन सेंटर, फीडिंग रूम, पैथोलॉजी और एक्स-रे कक्ष जैसी मेडिकल सुविधाएं भी मौजूद रहेंगी।
एसपीसीए की देखरेख में होगा
कुत्तों के लिए हर जिले में एसपीसीए है। इसका फुल फॉर्म सोसाइटी फार द प्रिवेंशन आफ क्रूएलिटी टू एनिमल है। हिंदी में इसे पशु क्रूरता निवारण सोसाइटी कहते हैं। इसकी स्थापना 1824 में इंग्लैंड में हुई थी। ये पशु कल्याण के लिए अभियान चलाते हैं। इसमें पशु चिकित्सा, पालन और जिम्मेदार अधिकारी शामिल हैं। जो समाज में पशुओं पर होने वाली क्रूरता पर कंट्रोल करने और पशुओं से समाज की रक्षा करने का कार्य करते हैं।
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सूचना 1533 पर दें
कुत्ते से जुड़े किसी भी प्रकार की सूचना नगर निगम के कंट्रोल रूम 1533 पर दी जा सकती है। आने वाले दिनों में शहर के बाहर 200 एकड़ भूमि की तलाश की जा रही है। जहां पर एक साथ 2000 कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी। इसके लिए रामनगर, पिसौर, फुलवरिया में जमीन देखी गई है।
क्या बोले चिकित्साधिकारी
एबीसी सेंटर का संचालन जल्द शुरू होगा। इसमें खूंखार, रैबीज व सामान्य कुत्तों के लिए अलग-अलग कमरे बनाए गए हैं। जहां उनका इलाज होगा। इलाज के बाद उन्हें जहां से लाया जाएगा वहां छोड़ दिया जाएगा। -डॉ संतोष पाल, पशु चिकित्साधिकारी, नगर निगम