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Flood in Ballia: 10 पक्के मकान नदी में डूबे, 60 हजार की आबादी प्रभावित; 10 गांवों की बिजली काटी

Fri, 29 Aug 2025 11:19 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Fri, 29 Aug 2025 11:19 AM IST
सार

Ballia News: बलिया जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गंगा खतरा निशान से ऊपर बह रही हैं। ऐसे में 10 पक्के मकान नदी में डूबे, वहीं 60 हजार की आबादी प्रभावित बाढ़ से प्रभावित है। 

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Flood in Ballia 10 concrete houses submerged in river electricity of 10 villages cut off
बाढ़ में घिरा चांददियर पंचायत पलटूनगर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गंगा नदी में बाढ़ के कारण लगातार चौथे दिन जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई। नदी का जलस्तर प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है। चक्की नौरंगा में चौबीस घंटे में 10 पक्के मकान गंगा में डूब गए। बाढ़ का पानी लगभग 71 गांवों में प्रवेश कर गया है, जिससे 60 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। 10 गांवों की बिजली काट दी गई है।
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केंद्रीय जल आयोग गायघाट गेज के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.460 मीटर रिकॉर्ड किया गया। एक सेमी प्रति घंटे की दर से जलस्तर बढ़ रहा है। नदी का चेतावनी बिंदु 56.615 मीटर है। खतरा बिंदु 57.615 मीटर व मीडियम फ्लड 58.615 मीटर है। गंगा नदी इस समय खतरे के निशान 1.845 मीटर से ऊपर बह रही है। यहां 2016 में सर्वाधिक जलस्तर 60.390 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। 2021 में नदी 60.250 मीटर तक जलस्तर पहुंचा था।
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नदी के बढ़ाव से नरहीं से लेकर बैरिया तक तटवर्ती लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की नौरंगा, उपाध्याय टोला, नौरंगा, के लोगों में अपना आशियाना खोने का भय सताने लगा है। दर्जनों गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में 22 हजार पशुओं को हरे चारे का संकट गहरा गया है। प्रशासन की तरफ से अब तक नाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
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जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि चौक्की नौरंगा कटान क्षेत्र के भवनों को पहले ही खाली करा दिया गया था। कटान पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ का पानी कम होने के बाद परियोजना बनाकर सुरक्षित किया जाएगा।

पलट प्रवाह से एनएच -31 पर संकट, बाढ़ विभाग बेबस
पलट प्रवाह से एनएच -31 पर हुकुम छपरा के पास खतरा बढ़ता जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि फ्लड फाइटिंग के तहत तात्कालिक कार्रवाई में विभाग प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी भरकर नदी में डालकर नदी की धारा को थामने का प्रयास कर रहा है।

बाढ़ विभाग के एक्सईएन संजय कुमार मिश्र ने बताया कि चारों तरफ बाढ़ के कारण बालू उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसी कारण प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी भरकर नदी में डाला जा रहा है। मानक के तहत सभी कार्य किए जा रहे हैं। बाढ़ क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी गई है।
 
सुरक्षा के लिए काटी गई बिजली
गंगा की बाढ़ का पानी तटवर्ती गांवों में प्रवेश कर गया है। इसे देखते हुए करीब 10 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई है। इन गांवों में अंधेरा हो जा रहा है। प्रशासन की तरफ से प्रकाश की व्यवस्था नहीं की गई है। लैंप व मोबाइल चार्ज करने के लिए लोग दूसरे गांवों में जा रहे हैं। विद्युत वितरण खंड चार के अधिशासी अभियंता मूल चंद शर्मा ने बताया कि गांवों में पानी प्रवेश करने से सतर्कता की दृष्टि से आपूर्ति बंद की गई है।  

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नरहीं क्षेत्र में गंगा संग टोंस व मगई का फैलने लगा पानी
नरहीं इलाके को गंगा, टोंस और मगई नदी का पानी खेतों में तेजी से फैलने लगा है। गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो गंगहरा, रैया खाड़ी, सरवनपुर बस्ती, बेल्सीपाह गांवों का संपर्क टूट सकता है। तटवर्ती इलाकों के लोगों की परेशानी फिर से बढ़ने लगी है । गंगा के कटान के मुहाने पर बसे शाहपुर बभनौली, रैया खाड़ी गांव के लोगों कहना है कि गंगा में बढ़ाव बना रहा तो पलायन करना पड़ सकता हैं। मगई नदी का पानी करइल इलाके में फैलने लगा है। टोंस नदी का पानी नरहीं के लखनुआ,खमीरपुर, नीलकंठ पुर मौजे में पहुंच गया है धान एवं खरीफ की फसलें डूबने लगी है।

14 करोड़ से बन रहे ठोकर भी नहीं रोक पा रहे नदी की धारा को
सरयू नदी का जलस्तर घटाव पर है लेकिन कटान में तेजी है। पानी का दबाव कम होने के बाद नदी की धार किनारे से टकराकर तेजी से जमीन को काटने लगी है। बिजलीपुर, पुरुषोत्तम पट्टी, खरीद और जिन्दापुर गांवों में कटान में तेजी आई है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र को नदी की बाढ़ से बचाने के लिए 14 करोड़ रुपये से ठोकर बनाए गए हैं। ठोकर बनने के बावजूद कटान में कमी नहीं आई है। फिलहाल ग्रामीण अपने स्तर से मिट्टी और बालू डालकर कटान रोकने का प्रयास कर रहे हैं। 

चांददीयर ग्राम पंचायत के कई पुरवों में घुसा सरयू का पानी
सरयू नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि से चांददीयर ग्राम पंचायत के कई पूरवों में बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो गया है। क्षेत्र के चांददीयर पंचायत के टोला फतेह राय, बैजनाथ के डेरा, पियारी के डेरा, मठिया पूरवे ,लोहा के डेरा ,चक्की चांददीयर, पलटू नगर में बाढ़ का पानी घुस गया है। पीड़ित विक्रम यादव, तेजन यादव, पूर्णमासी यादव, चनेश्वर यादव, पंचदेव चौधरी, संतोष चौधरी आदि ने बताया कि पिछली बार की बाढ़ में हम लोगों को कोई सुविधा प्राप्त नहीं हुई थी। 

विधायक ने प्रमुख सचिव को लिखा पत्र
बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल ने प्रमुख सचिव बाढ़ राहत विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ को पत्र लिखकर बैरिया विधानसभा क्षेत्र के मनगढ़, गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर, सिवाल मठिया, माझा, नवका गांव आदि गांव सरयू नदी से बाढ़ से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों को शासन स्तर से आज तक बाढ़ राहत सामग्री का वितरण नहीं किया गया है। इससे बाढ़ पीड़ितों में काफी आक्रोश है। विधायक ने पत्र में बताया है कि जांच करा कर यथाशीघ्र पीड़ितों को राहत सामग्री दी जाए। 

महावीर घाट मार्ग पर दो फीट तक चढ़ा बाढ़ का पानी
महावीर घाट की ओर जाने वाले मार्ग पर दो फीट तक बाढ़ का पानी भर गया है। 5000 हजार की आबादी का अवागमन बाधित हो गया है। वहीं, मुहम्मदपुर में कटान से बबूल व नीम के पेड़ गंगा में कट कर गिर गए। निहोरा नगर व गायत्री मंदिर मार्ग पर पानी चढ़ने से लोग किसी तरह से निकल रहे हैं। नाव का संचालन न होने से लोगों को आने व जाने में दिक्कत हो रही है। 
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