चप्पल हाथ में लेकर क्लास में पहुंची छात्राएं: कैंपस और अस्पताल में जलभराव, छात्रों-मरीजों की फजीहत; अलर्ट
लगातार बारिश से कैंपस और अस्पताल परिसर में जलभराव से विद्यार्थियों और मरीजों की परेशानी बढ़ गई। छात्र-छात्राएं कॉपी-किताब और बैग के साथ हाथ में चप्पल-जूता लेकर कक्षाओं में पहुंचे। 40 मिमी बारिश के बावजूद तापमान में ढाई डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई। मौसम विभाग ने आज भी बारिश की चेतावनी जारी की है। जलभराव से आवागमन भी प्रभावित रहा।
विस्तार
काशी में बुधवार को बुधवार को बिजली गिरने और बादल गरजने के साथ 40 मिलीमीटर जोरदार बारिश के बावजूद पारा ढाई डिग्री उछल गया। काशी का अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया जबकि मंगलवार को 31 डिग्री था। बृहस्पतिवार को भी बिजली गिरने के साथ ही भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
बुधवार को लंका, बीएचयू, सिगरा, कैंट, चिरईगांव, मंडुआडीह, महमूरगंज, दुर्गाकुंड, चौकाघाट इलाकों में जोरदार बारिश हुई। फातमान रोड बादशाह बाग कॉलोनी में बड़ा पेड़ गिर गया, जिसके नीचे एक्सयूवी दब गई। ढाई घंटे तक रास्ता जाम हो गया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में भारी बारिश के बाद छात्र और छात्राएं जलभराव से होकर आते-जाते रहे। सैंडल और चप्पल हाथ में लिए छात्राएं क्लास में पहुंची।
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में नेत्र रोग विभाग, जांच केंद्र और ओपीडी के पास भारी जलभराव होने से मरीजों की सांसत हो गई। रुद्राक्ष कंवेशन सेंटर के बाहर पानी लगने से सीएम के कार्यक्रम में आए लोग पानी से होकर गुजरते रहे। वहीं कई ऐसे भी इलाके रहे जहां बारिश हुई ही नहीं।
बारिश का यलो अलर्ट आज, अगले 2 दिन पूर्वानुमान जारी
बुधवार को 20 किलोमीटर प्रति घंटे से भी तेज गति से हवा बही। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को काशी में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। दो दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान भी जारी किया गया है।
मानसून के कोटे से 15 फीसदी ज्यादा बारिश
काशी में इस मानसून 50 साल के औसत से 15 फीसदी ज्यादा बारिश हो गई है। काशी में अब तक 794.2 मिली पानी बरस चुका है जबकि औसत बारिश का आंकड़ा 691.8 मिमी तक ही रहा है।