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Varanasi News: संपूर्णानंद संस्कृत विवि मनाया गया अभिनंदन समारोह
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में बुधवार को अभिनंदन समारोह मनाया गया। इसमें काशीविद्वद्धर्मपरिषद के उद्देश्यों और समाज में योगदान पर चर्चा हुई। स्वामी डॉ. अनिकेत शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म, संस्कृति एवं वैदिक परंपरा के संरक्षण में परिषद का विशिष्ट योगदान है।
विवि के योग साधना केंद्र में हुए समारोह में डॉ. शास्त्री ने कहा कि परिषद का संचालन एक सिद्धसंत के नाम पर स्थापित श्री श्री 1008 श्री मौनी बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट न्यास के माध्यम से हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों से नासिक-त्र्यंबकेश्वर जैसे कुंभ क्षेत्रों का सरकारों द्वारा जिस प्रकार अपेक्षित शास्त्रीय मर्यादाओं के अनुरूप संचालन नहीं किया गया, उसके दृष्टिगत अब परिषद के विद्वान शास्त्रीय ऐसे कार्यक्रमों के लिए सरकार को दिशा-निर्देश दें। परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष पं. कमलाकांत त्रिपाठी ने स्वामी अनिकेत के अभिनंदन-पत्र का वाचन किया।
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा को भी इस दौरान सम्मानित किया गया। उनके अभिनंदन-पत्र का वाचन प्रो. धर्मदत्त चतुर्वेदी जी ने किया। परिषद के अध्यक्ष पं. छोटेलाल त्रिपाठी ने श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद के कार्यों, उद्देश्यों एवं भावी योजनाओं की जानकारी दी। श्री श्री 1008 श्री मौनी बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट न्यास के मुख्य न्यासी एवं गुरुकुल एवं मंदिर सेवा योजना प्रमुख, जम्मू-कश्मीर प्रांत, डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय ने परिषद की स्थापना के उद्देश्यों की चर्चा की। इस दौरान प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. रामप्रिय पाण्डेय, डॉ. उमंग नाथ शर्मा, प्रो. महेंद्र नाथ पाण्डेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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विवि के योग साधना केंद्र में हुए समारोह में डॉ. शास्त्री ने कहा कि परिषद का संचालन एक सिद्धसंत के नाम पर स्थापित श्री श्री 1008 श्री मौनी बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट न्यास के माध्यम से हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों से नासिक-त्र्यंबकेश्वर जैसे कुंभ क्षेत्रों का सरकारों द्वारा जिस प्रकार अपेक्षित शास्त्रीय मर्यादाओं के अनुरूप संचालन नहीं किया गया, उसके दृष्टिगत अब परिषद के विद्वान शास्त्रीय ऐसे कार्यक्रमों के लिए सरकार को दिशा-निर्देश दें। परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष पं. कमलाकांत त्रिपाठी ने स्वामी अनिकेत के अभिनंदन-पत्र का वाचन किया।
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कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा को भी इस दौरान सम्मानित किया गया। उनके अभिनंदन-पत्र का वाचन प्रो. धर्मदत्त चतुर्वेदी जी ने किया। परिषद के अध्यक्ष पं. छोटेलाल त्रिपाठी ने श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद के कार्यों, उद्देश्यों एवं भावी योजनाओं की जानकारी दी। श्री श्री 1008 श्री मौनी बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट न्यास के मुख्य न्यासी एवं गुरुकुल एवं मंदिर सेवा योजना प्रमुख, जम्मू-कश्मीर प्रांत, डॉ. अभिषेक कुमार उपाध्याय ने परिषद की स्थापना के उद्देश्यों की चर्चा की। इस दौरान प्रो. सुधाकर मिश्र, प्रो. रामप्रिय पाण्डेय, डॉ. उमंग नाथ शर्मा, प्रो. महेंद्र नाथ पाण्डेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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