फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Father sold his daughter to international basketball player, won gold medal

पिता ने घर बेच बेटी को बनाया अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी, स्वर्ण पदक जीतकर मान बढ़ाया

Fri, 13 Dec 2019 12:38 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी जमुना दयाल, अमर उजाला, वाराणसी
जमुना दयाल, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Fri, 13 Dec 2019 12:38 AM IST
विज्ञापन
Father sold his daughter to international basketball player, won gold medal
स्कूटर रिपेयरिंग का काम करते बरखा के पिता

13वें दक्षिण एशियाई गेम्स (सैफ) के बास्केटबाल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली बरखा सोनकर ने गरीबी से जंग जीतकर अलग मुकाम बनाया है। बिटिया को खिलाड़ी बनाने के लिए स्कूटर मैकेनिक पिता ने घर तक बेच दिया। मां ने मंगलसूत्र बेचकर बिटिया को टूर्नामेंट में खेलने भेजा तो बरखा ने भी निराश नहीं किया और बीती दस दिसंबर को नेपाल के काठमांडू में हुए दक्षिण एशियाई गेम्स में स्वर्ण पदक जीता।

विज्ञापन


भोजूबीर की रहने वाली बरखा सोनकर नौ बार राज्य स्तरीय, 13 बार राष्ट्रीय, आठ बार अंतरराष्ट्रीय और अमेरिका की एक विश्वविद्यालय की बास्केटबाल टीम में कप्तानी कर चुकी हैं। बरखा के पिता भोलानाथ ने बताया कि बास्केटबाल में बरखा की दिलचस्पी 13 साल की उम्र से है।
विज्ञापन


खेल के दौरान खर्च के लिए पैसे नहीं होने पर घर बेचना पड़ा। वर्ष 2009 में नेशनल प्रतियोगिता खेलने जा रही बरखा को देने के लिए जब पैसे नहीं थे तो मां शीला सोनकर ने मंगलसूत्र बेचकर पैसा जुटाया। भोलानाथ ने बताया कि बड़ी बेटी की शादी के बाद जब ससुराल के लिए विदा हो रही थी, उसी दौरान बरखा को नेशनल टूर्नामेंट के लिए विदा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

Father sold his daughter to international basketball player, won gold medal
बरखा सोनकर - फोटो : a

यूपी कॉलेज के बास्केटबाल कोर्ट से प्रैक्टिस शुरू की

चार बहनों में सबसे छोटी बरखा ने फोन से बातचीत में बताया कि उन्होंने यूपी कॉलेज के बास्केटबाल कोर्ट से प्रेक्टिस शुरू की। उनका सपना है कि वो महिला राष्ट्रीय बास्केटबाल एसोसिएशन अमेरिका के लीग मैचों में हिस्सा लें। फिलहाल बरखा अमेरिका के ह्यूस्टन विश्वविद्यालय से रीक्रिएशन टूरिज्म स्पोर्ट्स मैनेजमेंट का कोर्स कर रही हैं। साथ ही विश्वविद्यालय की बास्केटबाल टीम की कप्तान भी हैं।

ये हैं उपलब्धियां

  • 2009 में कानपुर में 21वें राज्य स्तरीय जूनियर टूर्नामेंट में बेस्ट प्लेयर का खिताब
  • 2009 में ही सीनियर स्टेट चैंपियनशिप में हिस्सा लेते हुए प्लेयर ऑफ टूर्नामेंट का खिताब
  • 2010 में स्वर्गीय नितीश सिंह मेमोरियल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में बेस्ट प्लेयर का खिताब

आठ बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हुईं शामिल

बरखा ने आठ बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं हिस्सा लिया। पहली बार 2011 में चीन में आयोजित फीबा (इंटरनेशनल बास्केटबाल फेडरेशन एशोसिएशन) के अंडर 16 एशियन वूमन बास्केटबाल चैंपियनशिप और 2012 में रूस में आयोजित चिल्ड्रन एशियन इंटरनेशनल स्पोर्ट्स गेम्स में हिस्सा लिया। 2014 में जॉर्डन के अमान में आयोजित फीबा के अंडर 18 एशियन वूमन बास्केटबाल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। 2017 में बंगलूरू में हुए फीबा के एशियन वूमन चैंपियनशिप में विजेता रही। 2019 के फीबा के एशियन वूमन चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed