CAA: बजरडीहा प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार नसीम के पिता ने सदमे में तोड़ा दम
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करने के दौरान बजरडीहा से गिरफ्तार मो. नसीम के पिता मो. सलीम (50) का रविवार को इंतकाल हो गया। परिजनों के अनुसार नसीम की गिरफ्तारी के बाद से ही वह सदमे में थे। सोमवार को बजरडीहा स्थित जक्खा कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया।
इससे पहले मदरसा हनिफिया गौसिया में जनाजे की नमाज अदा की गई। इस दौरान जमीयत उल बनारस के सदस्यों ने परिवार की मदद की और गिरफ्तार नसीम को पैरोल पर छुड़ाने का प्रयास भी किया।
20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद बजरडीहा में लोग नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में सड़क पर उतरे थे। पुलिस ने जुलूस को रोकने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की के बाद लाठीचार्ज हुआ। भगदड़ में कई लोग घायल हुए और 12 साल के सगीर की मौत हो गई थी।
पुलिस ने इस मामले में नसीम समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। परिजनों ने बताया कि नसीम की गिरफ्तारी के बाद से ही पिता सलीम बेटे के गायब होने का अंदेशा जताते हुए उसको सामने लाने की बात कहते थे। इसी सदमे में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उनको तेज बुखार आने लगा। वह हमेशा नसीम को याद करके बेहोश हो जा रहे थे।
सोनारपुरा स्थित निजी चिकित्सक के यहां उनका इलाज कराया जा रहा था। रविवार की देर रात अचानक उनका इंतकाल हो गया। सलीम मदनपुरा में साड़ी के प्रतिष्ठान में मजदूरी करते थे। उनके पांच बेटों में नसीम सबसे बड़ा है। इसके अलावा अंसार, निसार, इम्तियाज और इश्तियाक हैं। पत्नी खूशबून्निसा का सात साल पहले इंतकाल हो चुका है।
जमीयत उल बनारस के अब्दुल फैसल ने बताया कि नसीम को पैरोल पर छुड़ाने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। मो. सलीम के परिवार के सदस्यों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।