{"_id":"62fd4b95a8056055de0ff19d","slug":"fasting-for-sons-long-life-happiness-and-good-fortune-varanasi-news-vns669580798","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalahi Chhath 2022: पुत्रों की लंबी उम्र, सुख और सौभाग्य के लिए मनाया गया ललही छठ, तालाबों पर उमड़ी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalahi Chhath 2022: पुत्रों की लंबी उम्र, सुख और सौभाग्य के लिए मनाया गया ललही छठ, तालाबों पर उमड़ी भीड़
Thu, 18 Aug 2022 09:21 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2022 09:21 AM IST
सार
प्रकृति और पर्यावरण पर आधारित ललही छठ पर काशी के कुंड और तालाबों पर भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने पुत्रों की लंबी उम्र, सुख, सौभाग्य के साथ ही अचल सुहाग की कामना से व्रत रखा और हलषष्ठी माता का पूजन किया।
विज्ञापन
हनुमान घाट पर ललही छठ पर पूजा करती महिलाएं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सात वार और नौ त्योहार वाली काशी बुधवार को भी गुलजार रही। प्रकृति और पर्यावरण पर आधारित ललही छठ पर काशी के कुंड और तालाबों पर भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने पुत्रों की लंबी उम्र, सुख, सौभाग्य के साथ ही अचल सुहाग की कामना से व्रत रखा और हलषष्ठी माता का पूजन किया। शहर से लेकर गांव तक सुबह से ही पूजन करने वाली महिलाओं ने तिन्नी के चावल और दही का प्रसाद ग्रहण किया।
बुधवार सुबह महिलाएं सिर पर पूजा की थाली रखकर कुंडों पर पहुंची। थाली में सजे महुआ के पत्ते, दूध, गंगाजल, फल, मिष्ठान, नारियल, दही को पूजन के लिए रखा गया था। कुंडों पर महिलाओं ने गोबर से स्थान को लीपकर छोटे तालाब की आकृति उकेरी। उस पर फूल, गूलर, कुश और साफा बांधकर तैयार किया।
इसके बाद ललही महारानी का पूजन किया गया। माता को भुना हुआ चना, गेहूं, धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, जौ चढ़ाया गया। सुहागिन महिलाओं ने हल्दी से रंगा हुआ वस्त्र व सुहाग की सामग्री अर्पित की। कुश और महुआ के पत्ते का पूजन कर प्रसाद महिलाओं ने पुत्र की लंबी उम्र की कामना के साथ वितरित किया। महिलाओं ने पुत्रों की दीर्घायु के साथ ही अचल सुहाग की कामना की। दोपहर बाद प्रसाद ग्रहण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार सुबह महिलाएं सिर पर पूजा की थाली रखकर कुंडों पर पहुंची। थाली में सजे महुआ के पत्ते, दूध, गंगाजल, फल, मिष्ठान, नारियल, दही को पूजन के लिए रखा गया था। कुंडों पर महिलाओं ने गोबर से स्थान को लीपकर छोटे तालाब की आकृति उकेरी। उस पर फूल, गूलर, कुश और साफा बांधकर तैयार किया।
विज्ञापन
इसके बाद ललही महारानी का पूजन किया गया। माता को भुना हुआ चना, गेहूं, धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, जौ चढ़ाया गया। सुहागिन महिलाओं ने हल्दी से रंगा हुआ वस्त्र व सुहाग की सामग्री अर्पित की। कुश और महुआ के पत्ते का पूजन कर प्रसाद महिलाओं ने पुत्र की लंबी उम्र की कामना के साथ वितरित किया। महिलाओं ने पुत्रों की दीर्घायु के साथ ही अचल सुहाग की कामना की। दोपहर बाद प्रसाद ग्रहण किया।
विज्ञापन