सरयू में समा रही किसानों की जमीन: हाजीपुर-गोला पुल के पास खतरा बढ़ा, भारी नुकसान की चिंता; मुआवजे की मांग
सरयू नदी के कटान से हाजीपुर-गोला पुल के पास खतरा बढ़ गया है। देवारा खास राजा, बरामदपुर और सहवदिया में कृषि भूमि कटान की चपेट में आ रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। उपजाऊ जमीन नदी में समाने से किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों को कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
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सरयू नदी की कटान से सगड़ी तहसील क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। हाजीपुर-गोला पुल के पास नदी तेजी से कृषि भूमि को काट रही है। लगातार हो रही कटान से किसानों की जमीन नदी में समाती जा रही है। इससे उनकी आजीविका पर संकट गहराने लगा है। किसानों को आशंका है कि यदि कटान की रफ्तार इसी तरह बनी रही तो उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
देवारा खास राजा गांव के रामदयाल, रघुनाथ, प्रदीप, रामकेश, रामनिवास, रामनारायण, रामलखन, राकेश, बुधराम, राधेश्याम, कमला, बल्केश्वर, बिहारी और उमाचरण सहित कई किसानों की कृषि भूमि कटान की चपेट में है।
इसके अलावा बरामदपुर और सहवदिया गांव के सामने भी नदी का कटान जारी है। नदी के किनारे स्थित खेतों की जमीन लगातार कटकर पानी में विलीन हो रही है। इससे किसानों के सामने खेती और परिवार की आजीविका चलाने का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी की कटान से हर साल कृषि भूमि को नुकसान पहुंचता है। इस बार भी कटान तेज होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है।
निरीक्षण के बाद मुआवजे की कार्रवाई
कटान से प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। उप जिलाधिकारी सगड़ी संजीव कुमार राय ने बताया कि नदी की कटान से प्रभावित जमीन का निरीक्षण कराया जाएगा। नियमानुसार जांच के बाद पात्र किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए कार्रवाई की जाएगी। अब किसानों की निगाह प्रशासन की ओर से होने वाले निरीक्षण और राहत संबंधी कदमों पर टिकी है।
बदरहुआ पर 5 और डिघिया पर 14 सेमी बढ़ा जलस्तर
लाटघाट। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को बदरहुआ नाले पर जलस्तर 71.22 मीटर दर्ज किया गया, जो बृहस्पतिवार शाम चार बजे के 71.17 मीटर के स्तर से पांच सेंटीमीटर अधिक है। वहीं, डिघिया नाले पर जलस्तर 70.11 मीटर से बढ़कर 70.25 मीटर पहुंच गया। यहां 14 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। बदरहुआ नाले पर खतरे का बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम जलस्तर 73.52 मीटर है। डिघिया नाले पर खतरे का बिंदु 70.40 मीटर तथा अधिकतम जलस्तर 72.59 मीटर निर्धारित है। जलस्तर में लगातार वृद्धि से तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।