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बिटिया के जन्म पर जश्न: 30 साल बाद गूंजी किलकारी, मंदिर में लगाया पंचवटी का पौधा, आरती उतारकर कराया गृह-प्रवेश
Thu, 01 Jul 2021 12:11 AM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Thu, 01 Jul 2021 12:11 AM IST
सार
वाराणसी के अखरी गांव निवासी कृपाशंकर के की बेटी हुई है। घर में 30 साल बाद बेटी हुई तो परिजनों का खुशी का ठिकाना न रहा। उन्होंने शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में बिटिया के हाथों से स्पर्श कराने के बाद पंचवटी पौधा लगाया।
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बेटी का हुआ जन्म तो परिवार में दौड़ी खुशी की लहर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी के अखरी गांव निवासी कृपाशंकर के घर आंगन में 30 साल के बाद बिटिया के जन्म की खुशियां मनाई जा रही हैं। बेटी के जन्म पर पूरे परिवार में जश्न का माहौल है। बीते शुक्रवार को घर में बेटी के जन्म होने पर परिवार के सदस्यों ने उसे लक्ष्मी के रूप में जन्म लेने पर मिठाई बांटकर खुशियां मनाईं।
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बुधवार को नन्हीं बेटियां के अस्पताल से घर आने की खुशी में घर को गुब्बारों व फूलों से सजाया गया। घर में कदम रखने के पहले मां व बेटी को माला पहनाकर आरती उतारी गई, जिसके बाद बेटी की मां ने फीटा काटकर घर में प्रवेश किया।
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रोहनिया के अखरी गांव में कृपाशंकर तीन भाई है, जिसमें पांच बेटों के बीच सिर्फ एक बिटिया साधना थी। जो साल 2016 में शादी के बाद अपने ससुराल चली गई। 30 साल बाद बेटी के जन्म पर घर में बधाई गीत गाए गए। बेटी को जन्म देने वाली मां आशा बीएचयू से पढ़ाई करने के बाद नेट व जेआरएफ क्वालिफाई किया है। बेटी के पिता मधुकर बीएचयू में संविदाकर्मी हैं।
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कृपाशंकर की बड़ी बहू प्रिया को कुछ सालों पहले बेटा पैदा हुआ था, लेकिन तब परिवार में इस तरह की खुशियां नहीं मनाई गई थीं। पोती के आगमन की खुशी में दादा अजय पांडेय ने शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर में बिटिया के हाथों से स्पर्श कराने के बाद पंचवटी पौधा लगाया। इस दौरान परिवार के साथ आसपास के लोग भी मौजूद रहे।