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युवा कल्याण अधिकारी की परीक्षा में फर्जीवाड़ा, आरोपियों ने बताई पूरी कहानी

Mon, 17 Sep 2018 03:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 17 Sep 2018 03:57 PM IST
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Falsification in youth welfare officer exams in varanasi
सॉल्वर गैंग के गिरफ्तार अारोपी - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा रविवार को आयोजित युवा कल्याण अधिकारी की प्रारंभिक परीक्षा से पहले बनारस के एक स्कूल में छापेमारी कर सवालों के उत्तर नोट कर रहे 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र से गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी ग्रामीण पृष्ठभूमि के हैं।

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 गाजीपुर, जौनपुर और आजमगढ़ जिला निवासी गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि परीक्षा का फार्म भरने के बाद तैयारी के लिए पुस्तकें खरीदने के दौरान इलाहाबाद और बनारस स्थित बुक स्टॉलों के आसपास उनसे साल्वर गैंग से जुड़े लोगों ने संपर्क किया था। कुछेक का कहना था कि साल्वर गैंग के सदस्यों से उनकी मुलाकात कैंट और इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुई थी।
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साल्वर गैंग का दावा था कि रुपये खर्च करने होंगे लेकिन नौकरी हर हाल में मिलेगी। आरोपियों ने बताया कि इसी झांसे में आकर शार्ट कट से सफलता पाने के लिए उन लोगों ने साल्वर गैंग की बात मान ली और अब जेल जाना पड़ रहा है। उधर, जिस एपेक्स इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल से सभी की गिरफ्तारी की गई वहां परीक्षा का सेंटर नहीं था।
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अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नों के उत्तर की जानकारी होते ही सभी लोग रविवार की भोर अपने परीक्षा केंद्र के लिए रवाना हो जाते लेकिन इससे पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ गए। युवा कल्याण अधिकारी की परीक्षा से पहले पेपर के प्रश्नों का उत्तर बताने के लिए साल्वर गैंग से आठ लाख रुपये में अभ्यर्थियों का सौदा तय हुआ था।

एक लाख रुपया बातचीत तय होने के साथ ही एडवांस लिया गया था, जबकि प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद चार लाख रुपया और शारीरिक परीक्षा के साथ ही सफल होने पर तीन लाख रुपया देना था। हालांकि इससे पहले ही अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी हो जाने के कारण साल्वर गैंग अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सका।

इस संबंध में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि बुक स्टाल के समीप, परिचितों के माध्यम से और रेलवे स्टेशनों पर साल्वर गैंग के संपर्क में अभ्यर्थी आए थे। गैंग के मास्टर माइंड और सदस्यों को चिह्नित करने के लिए काम किया जा रहा है। उनकी गिरफ्तारी के बाद ही इस प्रकरण की गुत्थी सुलझेगी।

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गिरफ्तार पति-पत्नी देते रहे गृहस्थी की दुहाई

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गिरफ्तार आरोपियों में जंसा के हरसोस का कैलाश और उसकी पत्नी मनोरमा भी शामिल है। गिरफ्तारी के बाद दोनों बिलख-बिलख कर रो रहे थे और गृहस्थी की दुहाई देकर छोड़े जाने की मिन्नतें कर रहे थे। दोनों का कहना था कि झांसे में आकर उनसे गलती हो गई। हालांकि पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

इसी तरह गिरफ्त में आई कविता भी खुद को कोस रही थी। गिरफ्त में आए आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के लिए क्राइम ब्रांच को सुपुर्द कर दिया गया है। क्राइम ब्रांच प्रभारी ने बताया कि बरामद मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल कर साल्वर गैंग से जुड़े सदस्यों और सरगना को चिह्नित कर गिरफ्तार किया जाएगा।

इसके साथ ही सभी 22 आरोपियों के परिजनों से पूछताछ कर मामले की तह तक जाने की कोशिश की जाएगी। गिरफ्तारी से पहले साल्वर गैंग के सदस्य अभ्यर्थियों को प्रश्न नंबर और उत्तर नोट करवा रहे थे।

साल्वर गैंग के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा में 85 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके अनुसार प्रश्न नंबर 19 तक का उत्तर कागज पर अभ्यर्थियों को लिखवाया जा चुका था। इसी दौरान पुलिस की छापेमारी हुई और सभी गिरफ्तार कर लिए गए।

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