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गाजीपुर में बलिया का फालोअर
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जमानिया। बलिया जनपद के भीमपुरा थाने में तैनात फॉलोअर के आत्महत्या की खबर मिलते ही क्षेत्र के देवरिया गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजन रोने-बिलखने लगे। मृतक की पत्नी बच्चे और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बलिया रवाना हो गए। घटना को लेकर नाते-रिश्तेदारों के साथ ही ग्रामीणों में चर्चा होती रही। बहनोई मनोज मौर्य ने बताया कि फॉलोअर अनिल मौर्य पूरी तरह स्वस्थ थे। वह न तो मंदबुद्धि था और न ही मानसिक रूप से बीमार। उनका कहीं इलाज भी नहीं चल रहा था। पुलिस अधिकारी मृतक फॉलोअर को मंदबुद्धि बताकर मामले की लीपापोती करने में लगे हैं।
इलाके के देवरिया निवासी फालोअर अनिल मौर्य की तैनाती बलिया के भीमपुरा थाने में बीते दिनों किया गया। मंगलवार की सुबह अनिल के घर सूचना आई कि उसने थाना परिसर में स्थित रसोई घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस सूचना के बाद घर में रुदन-क्रंदन शुरू हो गया। घटना की जानकारी होते ही परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पत्नी सुनीता देवी अपने बच्चों को लेकर बलिया के लिए रवाना हो गई। लोग चर्चा कर रहे थे कि अनिल ऐसा कैसे कर सकता है। वह हर समय प्रसन्न रहने वाला व्यक्ति था। फिर आखिरकार कौन सी ऐसी बात हो गई कि उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का कदम उठा लिया। परिवार वालों और नाते-रिश्तेदारों का कहना था कि ऐसी खबर मिल रही है कि पुलिस के अधिकारी अनिल को मंदबुद्धि बताकर मामला की लीपापोती करते हुए रफादफा करने में लगे हैं। अनिल पूरी तरह से स्वस्थ था। पुलिस विभाग में मंदबुद्धि को नौकरी नहीं मिलती है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। मृतक की बहन आशा देवी और बड़ा भाई श्री भगवान का भी रोकर बुरा हाल था।
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इलाके के देवरिया निवासी फालोअर अनिल मौर्य की तैनाती बलिया के भीमपुरा थाने में बीते दिनों किया गया। मंगलवार की सुबह अनिल के घर सूचना आई कि उसने थाना परिसर में स्थित रसोई घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस सूचना के बाद घर में रुदन-क्रंदन शुरू हो गया। घटना की जानकारी होते ही परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पत्नी सुनीता देवी अपने बच्चों को लेकर बलिया के लिए रवाना हो गई। लोग चर्चा कर रहे थे कि अनिल ऐसा कैसे कर सकता है। वह हर समय प्रसन्न रहने वाला व्यक्ति था। फिर आखिरकार कौन सी ऐसी बात हो गई कि उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का कदम उठा लिया। परिवार वालों और नाते-रिश्तेदारों का कहना था कि ऐसी खबर मिल रही है कि पुलिस के अधिकारी अनिल को मंदबुद्धि बताकर मामला की लीपापोती करते हुए रफादफा करने में लगे हैं। अनिल पूरी तरह से स्वस्थ था। पुलिस विभाग में मंदबुद्धि को नौकरी नहीं मिलती है। इस मामले की जांच होनी चाहिए। मृतक की बहन आशा देवी और बड़ा भाई श्री भगवान का भी रोकर बुरा हाल था।
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