Varanasi: काशी विश्वनाथ की मंगला आरती का बेच रहे थे फर्जी टिकट, बुकिंग कर्मचारी सहित तीन लोग पकड़े गए
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मंगला आरती और सुगम दर्शन के टिकट के नाम पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। पुलिस ने टिकट बुक करने वाले एक कर्मचारी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
विस्तार
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मंगला आरती और सुगम दर्शन के टिकट बेचने के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। मंदिर प्रशासन की शिकायत के आधार पर चौक पुलिस ने बुधवार को मुकदमा दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कैंट रेलवे स्टेशन से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इसमें मंदिर के कैंट रेलवे स्टेशन स्थित हेल्प डेस्क पर तैनात एक अस्थायी कर्मचारी भी शामिल है। एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है। आरोपियों की पहचान शुभम पांडेय, अरुण पांडेय और इरफान के रूप में हुई है। शुभम पांडेय ही हेल्प डेस्क पर तैनात है। अन्य तीन आरोपी उसके दोस्त बताए जा रहे हैं। जो आरोपी फरार है, उसका नाम भी शुभम है।
कैंट स्टेशन पर बने हेल्प डेस्क से लिया था टिकट
जानकारी के मुताबिक, मंदिर परिसर में टिकट स्कैनिंग के दौरान दक्षिण भारतीय श्रद्धालु के पास से फर्जी टिकट बरामद हुए थे। यह मामला मंदिर प्रशासन के पास पहुंचा और गोपनीय तरीके से जांच हुई तो फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया। दक्षिण भारत से आए श्रद्धालु ने बताया कि कैंट रेलवे स्टेशन पर बने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के हेल्प डेस्क से मंगला आरती का टिकट लिया था।
विश्वनाथ धाम में प्रवेश के बाद जब उसका टिकट स्कैन किया गया तो पता चला कि उसका बार कोड फर्जी है। मंदिर प्रशासन को समझ में आ गया कि रेलवे स्टेशन के हेल्प डेस्क से गड़बड़ी की गई है। इस आधार पर पुलिस से शिकायत की गई। अब पुलिस तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
टिकट स्कैन के बाद ही दिया जा रहा प्रवेश
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि मंगला आरती के टिकटों में हेरफेर करके बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस को इस मामले में कार्रवाई के लिए तहरीर दी गई है। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं के टिकट को स्कैन कराने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
ऐसे बनाया जा रहा फर्जी टिकट
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि 10 दिन पहले ही टिकट स्कैनिंग की व्यवस्था लागू की गई है। अब तक की जांच में जो सामने आया है उसके अनुसार मंगला आरती के बिके हुए 15 टिकट को एडिट करके उन्हीं को दूसरे के नाम पर बुक कर दिया गया था। जब श्रद्धालु मंगला आरती में शामिल होने पहुंचे तो बारकोड की स्कैनिंग के समय फर्जीवाड़े की जानकारी मिली।
अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) संतोष कुमार सिंह ने कहा कि मंदिर के हेल्प डेस्क प्रभारी की तहरीर के आधार पर चार लोगों के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।