वाराणसी: नकली सैनिटाइजर बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़, सरकारी विभागों को होती थी सप्लाई
वाराणसी के बड़ालालपुर वीडीए कॉलोनी में खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन की टीम ने छापा मार कर एक मकान से लाखों रुपए मूल्य का नकली सैनिटाइजर बरामद किया है।
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वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के बड़ालालपुर वीडीए कालोनी में नकली सैनिटाइजर बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन की टीम ने छापेमारी कर मकान से दो लाख रुपये के नकली सैनिटाइजर को बरामद किया है। इस सैनिटाइजर को जैम पोर्टल के माध्यम से सरकारी विभागों को सप्लाई की जाती थी।
जिस घर में यह सैनिटाइजर बनाया जा रहा था, वह भदोही में एक बैंक में कार्यरत अधिकारी का बताया जा रहा है। औषधि प्रशासन की टीम ने माल को अपने कब्जे में लेते हुए पुलिस को इसे सुपुर्द भी करा दिया है। देर रात तक थाने में कार्रवाई चलती रही।
नकली सैनिटाइजर पर ब्रांडेड कंपनी का स्टीकर
बड़ालालपुर चांदमारी स्थित वीडीए कालोनी में नकली सैनिटाइजर बनाने की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार रात में सहायक आयुक्त केजी गुप्ता के निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टर अमित बंसल अपनी टीम के साथ पहुंचे। केजी गुप्ता ने बताया कि मकान मालिक अजय दीक्षित भदोही में एक बैंक में अधिकारी है।
मौके से दो लाख रुपये के जो सैनिटाइजर बरामद हुआ है, उस पर सिप्ला कंपनी के नाम का स्टीकर भी लगाया गया था। जब कंपनी के स्थानीय अधिकारियों को बुलाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने ऐसे किसी भी सैनिटाइजर बनाने से इंकार कर दिया गया। मौके से सैनिटाइजर के भरे बोतल के साथ ही खाली बोतल और ढक्कन भी बरामद हुए है।
कई और नाम आ सकते हैं सामने
केजी गुप्ता ने बताया कि प्रथम दृष्टया इसमें तीन चार लोगों के शामिल होने की जानकारी मिल रही है। इस सैनिटाइजर को जैम पोर्टल के माध्यम से सरकारी विभागों को सप्लाई की जाती थी। फिलहाल मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई चल रही है। सहायक आयुक्त ने बताया कि मामले की जांच के बाद और भी नाम सामने आ सकते हैं।