BHU में फर्जी GST का मामला: मुकदमे के बाद प्रशासन के फैसले का इंतजार, MS समेत तीन लोगों के खिलाफ होगी जांच
बीएचयू अस्पताल की ओर से डायग्नोस्टिक इमेजिंग सेवाओं के संचालन, रखरखाव और प्रबंधन के सेवा प्रदाता के चयन के लिए टेंडर जारी किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसका टेंडर निरस्त कर दिया गया था।
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बीएचयू अस्पताल में रेडियालॉजी से जुड़ी जांच के टेंडर में फर्जी जीएसटी नंबर के प्रयोग करने के मामले में एमएस प्रो.केके गुप्ता समेत जिन पांच लोगों पर मुकदमा हुआ है, उसमें तीन का संबंध बीएचयू से हैं। अब जबकि लंका थाने में दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस जांच शुरू करेगी, ऐसे में इस दिशा में बीएचयू प्रशासन के फैसले पर सभी की नजरें टिकी है।
ऐसा इसलिए कि जिन लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है, वो लोग अपने पदों पर बने हैं। इस बीच आईएमएस बीएचयू के प्रोफेसर ओमशंकर ने एक टवीट के माध्यम से राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री, बीएचयू कुलपति से जांच होने तक सभी को पद से हटाने की मांग की है।
बीएचयू अस्पताल में इस समय अस्पताल के साथ-साथ शताब्दी सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक (सीएसएसबी) में एमआरआई की सुविधा शुरू हो सके, इसके लिए मशीन तो बहुत पहले ही आ गई थी लेकिन इस पर जांच नहीं शुरू हो पाई कि इसको चलाने वाला कोई नहीं था। इस वजह से ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू हुई।
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खास बात यह है कि जिस मामले में टेंडर में जीएसटी के फर्जीवाड़े पर मुकदमा दर्ज हुआ है, उस पर पहले भी टेंडर हुआ लेकिन जांच शुरू करने के मामले में किन्ही कारणों से फैसला नहीं हो सका। लिहाजा उसको रद कर दिया गया। अब जिस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है, उसमें टेंडर डालने वाली फर्म पर फर्जी जीएसटी नंबर का प्रयोग करने का आरोप लगा। इसके बाद भी तकनीकी मूल्यांकन समिति ने अपनी स्वीकृति दे दी।
बीएचयू से जुड़े लोगों पर हो सकता है अहम फैसला
अस्पताल में टेंडर में गड़बड़ी मामले में पांच लोगों में अस्पताल के जिन तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है उसमें अस्पताल के एमएस प्रो.कैलाश कुमार, रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो.एएनडी द्विवेदी, उपकुलसचिव रश्मि रंजन का नाम शामिल है। तीनों लोग वर्तमान समय में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे हैं।
इस बीच प्रो. ओमशंकर ने जो टवीट राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, बीएचयू वीसी आफिस को किया है, उसमें इस बात का जिक्र किया है पद पर रहते हुए ये लोग सबूतों से छेड़छाड़ भी कर सकते हैं। ऐसे में तुरंत पदों से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने अपने फेसबुक वाल पर भी यहीं लिखा है।
प्रकरण में अधिकारियों ने साधी चुप्पी
बीएचयू अस्पताल के एमएस समेत जिन तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, इस पर बीएचयू प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जा रही है, इस पर बीएचयू प्रशासन के अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। मामले में न तो आईएमएस निदेशक प्रो.एसएन संखवार कुछ कहने को तैयार है और न ही विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी। ऐसे में अब सभी की नजर इस मामले में होने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी है।