{"_id":"59b2c61e4f1c1bf47f8b525e","slug":"fake-doctor-arrested-in-bhu-blood-bank","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू ब्लड बैंक में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर, किसी साजिश की आशंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू ब्लड बैंक में पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर, किसी साजिश की आशंका
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 08 Sep 2017 10:02 PM IST
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लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, भेजा जेल
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल के ब्लड बैंक में फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया। गुरुवार देर रात एप्रेन पहने, गले में आला लटकाए पहुंचे इस जालसाज को उस वक्त पकड़ा गया जब वह रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर रहा था।
वहां मौजूद कर्मचारियों ने इसकी सूचना तत्काल सुरक्षा गार्डों को दी जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
फर्जी डॉक्टर और वह भी ब्लड बैंक में। ऐसे में तमाम सवाल और आशंकाएं अस्पताल कर्मियों के मन में उठती रहीं। उनका कहना था कि बाहरी आदमी फर्जी तरीके से डॉक्टर के वेश में अंदर जाकर किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता था। देर रात ब्लड बैंक में जाने की उसकी कोशिश भी इस ओर इशारा करती है कि कहीं कोई साजिश तो नहीं।
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गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज की घटना की जांच अभी चल ही रही है कि इस बीच बीएचयू अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में फर्जी डॉक्टर के पकड़े जाने से हड़कंप मचा है।
गुरुवार रात करीब 10 बजे पैथालॉजी में फार्मासिस्ट, पैरामेडिकल स्टाफ ड्यूटी पर थे तभी एक डॉक्टर वहां पहुंचा और ड्यूटी रजिस्टर पर साइन करने लगा। यह देख वहां तैनात कर्मचारियों ने जब कारण पूछा तो वह कर्मचारियों से उलझ गया। शंका होने पर कर्मियों ने इसकी सूचना सुरक्षाकर्मियों को दी।
वे ब्लड बैंक पहुंचे और उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम मुगलसराय पड़ाव निवासी मोहम्मद गोलू बताया। वहीं, शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे लंका पुलिस उसे न्यायालय लेकर पहुंची तो पुलिस की ढिलाई पर जज नाराज हो गए।
उन्होंने पुलिस को काफी फटकार लगाई। बाद में न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेजा गया।
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वहां मौजूद कर्मचारियों ने इसकी सूचना तत्काल सुरक्षा गार्डों को दी जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
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फर्जी डॉक्टर और वह भी ब्लड बैंक में। ऐसे में तमाम सवाल और आशंकाएं अस्पताल कर्मियों के मन में उठती रहीं। उनका कहना था कि बाहरी आदमी फर्जी तरीके से डॉक्टर के वेश में अंदर जाकर किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता था। देर रात ब्लड बैंक में जाने की उसकी कोशिश भी इस ओर इशारा करती है कि कहीं कोई साजिश तो नहीं।
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गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज की घटना की जांच अभी चल ही रही है कि इस बीच बीएचयू अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में फर्जी डॉक्टर के पकड़े जाने से हड़कंप मचा है।
गुरुवार रात करीब 10 बजे पैथालॉजी में फार्मासिस्ट, पैरामेडिकल स्टाफ ड्यूटी पर थे तभी एक डॉक्टर वहां पहुंचा और ड्यूटी रजिस्टर पर साइन करने लगा। यह देख वहां तैनात कर्मचारियों ने जब कारण पूछा तो वह कर्मचारियों से उलझ गया। शंका होने पर कर्मियों ने इसकी सूचना सुरक्षाकर्मियों को दी।
वे ब्लड बैंक पहुंचे और उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम मुगलसराय पड़ाव निवासी मोहम्मद गोलू बताया। वहीं, शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे लंका पुलिस उसे न्यायालय लेकर पहुंची तो पुलिस की ढिलाई पर जज नाराज हो गए।
उन्होंने पुलिस को काफी फटकार लगाई। बाद में न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेजा गया।
चार महीने से घूम रहा था अस्पताल
बीएचयू अस्पताल
ब्लड बैंक में पकड़ा गया मोहम्मद गोलू चार महीने से अस्पताल के विभिन्न वार्डों के साथ ही ओपीडी में भी घूम रहा था लेकिन किसी को कोई शक नहीं हुआ। पुलिस की पूछताछ में उसने यह भी बताया कि वह अब तक डॉक्टर बनकर मरीजों को दिखाने, जांच आदि कराने में लाभ उठाता था। ब्लड बैंक में वह क्यों गया, इस बारे में उसने कुछ नहीं बताया।
ब्लड बैंक में फर्जी डॉक्टर पकड़े जाने की घटना के बाद से अस्पताल प्रशासन ने सभी चिकित्सकों, कर्मचारियों के लिए परिचय पत्र रखना अनिवार्य कर दिया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय ने बताया कि इस तरह की घटना गंभीर है। कहा कि सभी को अपने पास परिचय पत्र रखना चाहिए। साथ ही किसी के द्वारा मांगे जाने पर उसे दिखाना भी चाहिए।
ब्लड बैंक में फर्जी डॉक्टर पकड़े जाने की घटना के बाद से अस्पताल प्रशासन ने सभी चिकित्सकों, कर्मचारियों के लिए परिचय पत्र रखना अनिवार्य कर दिया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय ने बताया कि इस तरह की घटना गंभीर है। कहा कि सभी को अपने पास परिचय पत्र रखना चाहिए। साथ ही किसी के द्वारा मांगे जाने पर उसे दिखाना भी चाहिए।