{"_id":"66bdb64ceaa876f4d70e4594","slug":"external-tests-in-pathology-department-of-bhu-hospital-2024-08-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गजब हाल है: बीएचयू अस्पताल की पैथालॉजी में होती है बाहर की जांच, चिकित्साधीक्षक ने कमिश्नर को भेजी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गजब हाल है: बीएचयू अस्पताल की पैथालॉजी में होती है बाहर की जांच, चिकित्साधीक्षक ने कमिश्नर को भेजी रिपोर्ट
Thu, 15 Aug 2024 01:33 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 15 Aug 2024 01:33 PM IST
सार
बीएचयू अस्पताल की पैथालॉजी में बाहर की जांच होती है। इसे लेकर
चिकित्साधीक्षक ने कमिश्नर को रिपोर्ट भेजी। कहा कि अस्पताल प्रशासन को इसकी सूचना नहीं मिलती है।
विज्ञापन
BHU Hospital
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीएचयू अस्पताल की पैथालॉजी विभाग में बाहर से आने वाली कई जांचें भी की जा रही हैं। इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन को नहीं मिल पाती है। इसकी रिपोर्ट खुद अस्पताल के चिकित्साधीक्षक प्रो. केके गुप्ता ने मंडलायुक्त को भेजी है। इसकी कॉपी जिलाधिकारी, आईएमएस निदेशक, कुलसचिव को भी दी गई है।
विज्ञापन
इसमें उन्होंने यह भी कहा है कि अस्पताल में बनी सीसीआई लैब में पैथालॉजी विभाग के लिए कमरा एक साल पहले से आवंटित है, इसके बाद भी यहां जांच नहीं शुरू की जा रही है। इस वजह से यहां ताला लगा रहता है। मरीजों को असुविधा झेलनी पड़ती है।
विज्ञापन
अस्पताल में एक पिता के अपने बेटे को कंधे पर उठाकर जांच के लिए आईएमएस निदेशक कार्यालय तक जाने के मामले का संज्ञान शासन ने लिया है। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर भी साझा की गई। कमिश्नर ने अस्पताल के चिकित्साधीक्षक से रिपोर्ट मांगी थी। अब चिकित्साधीक्षक ने जो जवाब भेजा हैं, वह भी चौंकाने वाला है। जहां एक ओर उन्होंने यह बताया है कि संबंधित व्यक्ति किसी तरह की जांच या उपचार के लिए नहीं आया था, वहीं पैथालॉजी विभाग के अध्यक्ष की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा किया है।
विज्ञापन
Trending Videos
कमिश्नर को दी गई रिपोर्ट में प्रो. केके गुप्ता ने बताया है कि अस्पताल के सीसीआई लैब में कमरा नंबर छह पैथालॉजी विभाग को प्रयोगशाला में एफएनएसी जांच के लिए एक साल पहले से आवंटित किया गया है। इसमें सभी सुविधाएं भी हैं। इसके बाद भी विभागाध्यक्ष की ओर से इसकी शुरुआत नहीं की गई। यहां ताला लगा है, इस कारण मरीजों को हर दिन असुविधा भी झेलनी पड़ रही है।
बाहर की जांच का प्रमाण दिखाएं एमएस, निदेशक को लिखूंगा पत्र
अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता द्वारा कमिश्नर को दी गई रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर पैथालॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार ने कहा कि यह सब मनगढ़ंत हैं। एमएस को पैथालॉजी विभाग में बाहर की होने वाली जांच का प्रमाण दिखाना चाहिए। अस्पताल में आने वाले ही मरीजों का दबाव इतना होता है कि हर संभव जांच समय से करने की पूरी कोशिश की जाती है। ऐसे में इस तरह का आरोप लगाना गलत है। इस बारे में आईएमएस निदेशक को पत्र लिखूंगा कि वह इसकी जांच करवा लें।
बाहर की जांच का प्रमाण दिखाएं एमएस, निदेशक को लिखूंगा पत्र
अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता द्वारा कमिश्नर को दी गई रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर पैथालॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार ने कहा कि यह सब मनगढ़ंत हैं। एमएस को पैथालॉजी विभाग में बाहर की होने वाली जांच का प्रमाण दिखाना चाहिए। अस्पताल में आने वाले ही मरीजों का दबाव इतना होता है कि हर संभव जांच समय से करने की पूरी कोशिश की जाती है। ऐसे में इस तरह का आरोप लगाना गलत है। इस बारे में आईएमएस निदेशक को पत्र लिखूंगा कि वह इसकी जांच करवा लें।