फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   experiment will conducted hot spots for dengue in Varanasi CDO initiative Trial was conducted Seer Govardhan

Dengue: शहर में डेंगू के लिए बने हॉट स्पॉट पर ऑयल बॉल का होगा प्रयोग, सीडीओ की पहल; सीर गोवर्धन में हुआ ट्रायल

Fri, 05 Jul 2024 03:15 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 05 Jul 2024 03:15 PM IST
सार

Varanasi News: बारिश के बाद शहर में मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ेगा। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां भी चल रही है

विज्ञापन
experiment will conducted hot spots for dengue in Varanasi CDO initiative Trial was conducted Seer Govardhan
वाराणसी में सीडीओ ने की पहल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले में मच्छरों के लार्वा के रोकथाम और घनत्व को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब ऑयल बॉल तकनीक का सहारा लेगा। 

विज्ञापन


सीडीओ हिमांशु नागपाल की पहल पर मच्छरों के लार्वा की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए इजात की गई इस नई तकनीक के  प्रायोगिक अध्ययन के सफल होने के बाद अब इसको डेंगू नियंत्रण के लिए बनाए गए शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के हॉट स्पॉट में उपयोग किया जाएगा।

ऑयल बॉल को पानी से भरे उन खाली प्लाटों और गड्ढों में डाला जाएगा, जहां मच्छरों के लार्वा पनपने की बहुत अधिक संभावनाएं रहती हैं। 

खास बात यह है कि इस पहल में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का  योगदान है। जिला मलेरिया अधिकारी शरत चंद पाण्डेय का कहना है कि कि पिछले माह सीर गोवर्धन क्षेत्र के काशीपुरम कॉलोनी के जल जमाव वाले खाली प्लाटों, नालियों और गड्ढों में 15 से 20 दिन का तकनीक के प्रयोग का अध्ययन किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। 
विज्ञापन


‘ऑयल बॉल’ पिंडरा ब्लॉक के पतिराजपुर गाँव की स्वयं सहायता की महिलाएं अपने रोजगार सृजन को बढ़ाने के लिए तैयार कर रही हैं। एक ऑयल बॉल लगभग 50 मिली इंजन ऑयल अवशोषित करता है। इस तरह एक बीघा (करीब 50 मी लंबे और 50 मी चौड़े) वाले पानी से भरे हुए खाली प्लॉट के लिए लगभग आठ ऑयल बॉल चाहिए होंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी के निर्देशन, नगर आयुक्त अक्षत वर्मा के नेतृत्व में शहर और जिला पंचायती राज अधिकारी आदर्श कुमार पटेल के नेतृत्व में ग्रामीण के चिन्हित हॉट स्पॉट क्षेत्रों में ऑयल बॉल को पानी से भरे खाली प्लाटों और गड्ढों में डाला जाएगा।

क्या है ऑयल बॉल विधि 
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि लकड़ी के बुरादे को कपड़े की पोटली में बांधकर छोटे-छोटे बॉल बनाए गए। इन्हें निष्प्रयोज्य इंजन ऑयल में डुबोया जाता है। इसके बाद बॉल को ठहरे हुए पानी में डाला जाता है, जिससे ऑयल की परत धीरे-धीरे पानी की सतह पर फैल जाती है, इस कारण मच्छरों के लार्वा को ऑक्सीज़न की उचित मात्रा नहीं मिल पाती और लार्वा नष्ट हो जाता है।

ऐसे हुआ प्रायोगिक अध्ययन
एक खाली प्लाट जिसमें कई महीनों से पानी भरा था, जिसमें लार्वा पाया गया। लार्वा घनत्व 10 था। ऑयल बॉल का प्रयोग किया गया। 24 घंटे के उपरांत ऑयल बॉल के चारों ओर ऑयल की परत पानी की सतह पर लगभग तीन मीटर की परिधि में फ़ेल गई, जिससे लार्वा की संख्या में गिरावट देखी गई। 

लार्वा घनत्व दो पाया गया। साथ हीएक बड़ी नाली, जिसमें काफी संख्या में लार्वा थे। वहाँ बॉल का प्रयोग किया गया। 24 घंटे के बाद अध्ययन में देखा गया कि ऑयल बॉल 20 से 30 सेमी की परिधि में लार्वा नष्ट हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed