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महंगा हुई निर्माण सामग्री, जोड़तोड़ कर बना रहे मकान
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वाराणसी। सरकार की ओर से आवास योजना के तहत मिलने वाली धनराशि से घर बनाना लाभार्थियों को भारी पड़ रहा है। निर्माण सामग्री की कीमतों में 10 प्रतिशत वृद्धि होने से 50 से 60 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। लाभार्थियों का कहना है कि उधार और पुराना सामान लगाकर किसी तरह आवास का निर्माण करा रहे हैं।
भवन निर्माण सामग्री विक्रेताओं का कहना है कि गिट्टी, बालू, सीमेंट, सरिया की कीमतों में10 फीसदी तक वृद्धि हुई है। बारिश शुरू होते ही बालू के दाम और बढ़ जाएंगे। निर्माण सामग्री विक्रेता जीत ने बताया कि पहले जो बालू चार से पांच हजार रुपये प्रति ट्रैक्टर मिल जाता था अब वो 5600 से 6000 रुपये में बिक रहा है। सीमेंट की कीमतों में भी 20 से 30 रुपये की बढ़त हुई है। 320 रुपये बोरी मिलने वाला सीमेंट अब 340 से 360 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं सरिया की कीमत छह हजार से सात हजार रुपये प्रति क्विंटल हो गई है, जो पहले पांच से साढे़ पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल थी। वहीं ईंट की कीमत में 14 हजार से बढ़कर 16 हजार रुपये हो गया है।
बोले लाभार्थी ------
मुझे तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये मिले। निर्माण सामग्री इतनी महंगी थी कि मुझे आवास का निर्माण पुरानी सरिया और ईंट लगाकर पूरा कराना पड़ा। 40 हजार रुपये का कर्ज भी लेना पड़ा। - रेखा देवी, शिवपुर
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निर्माण सामग्री महंगा होने से दो कमरे, एक किचन और शौचालय के निर्माण में चार लाख रुपये की लागत आई। सरकार की ओर से योजना के तहत मात्र ढाई लाख रुपये ही मिले। - दामिनी देवी, सारनाथ
वर्जन
ग्रामीण क्षेत्र में एक कमरा, किचन और बरामदा के लिए एक लाख 20 हजार रुपये और शहरी क्षेत्र के लाभार्थी को दो कमरा, किचन और शौचालय के लिए ढाई लाख मिलते हैं। इसमें लाभार्थी को अपने पास लगाकर भवन का निर्माण कराना होता है। - उमेश मणि त्रिपाठी, परियोजना अधिकारी, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण
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भवन निर्माण सामग्री विक्रेताओं का कहना है कि गिट्टी, बालू, सीमेंट, सरिया की कीमतों में10 फीसदी तक वृद्धि हुई है। बारिश शुरू होते ही बालू के दाम और बढ़ जाएंगे। निर्माण सामग्री विक्रेता जीत ने बताया कि पहले जो बालू चार से पांच हजार रुपये प्रति ट्रैक्टर मिल जाता था अब वो 5600 से 6000 रुपये में बिक रहा है। सीमेंट की कीमतों में भी 20 से 30 रुपये की बढ़त हुई है। 320 रुपये बोरी मिलने वाला सीमेंट अब 340 से 360 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं सरिया की कीमत छह हजार से सात हजार रुपये प्रति क्विंटल हो गई है, जो पहले पांच से साढे़ पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल थी। वहीं ईंट की कीमत में 14 हजार से बढ़कर 16 हजार रुपये हो गया है।
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बोले लाभार्थी ------
मुझे तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये मिले। निर्माण सामग्री इतनी महंगी थी कि मुझे आवास का निर्माण पुरानी सरिया और ईंट लगाकर पूरा कराना पड़ा। 40 हजार रुपये का कर्ज भी लेना पड़ा। - रेखा देवी, शिवपुर
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निर्माण सामग्री महंगा होने से दो कमरे, एक किचन और शौचालय के निर्माण में चार लाख रुपये की लागत आई। सरकार की ओर से योजना के तहत मात्र ढाई लाख रुपये ही मिले। - दामिनी देवी, सारनाथ
वर्जन
ग्रामीण क्षेत्र में एक कमरा, किचन और बरामदा के लिए एक लाख 20 हजार रुपये और शहरी क्षेत्र के लाभार्थी को दो कमरा, किचन और शौचालय के लिए ढाई लाख मिलते हैं। इसमें लाभार्थी को अपने पास लगाकर भवन का निर्माण कराना होता है। - उमेश मणि त्रिपाठी, परियोजना अधिकारी, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण