Varanasi News: वरुणा नदी को अपने पुरातन स्वरूप में लौटाने के लिए कवायद शुरू, भदोही से खिड़किया घाट तक होगी डिसिल्टिंग
वरुणा नदी को पुनर्जीवित करने की तैयारियां चल रही हैं। इसके तहत वरुणा के उद्गम स्थल भदोही से गंगा-वरुणा संगम तक डिसिल्टिंग (सिल्ट हटाना)कराई जाएगी।
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वाराणसी में गंगा की सहायक नदियों में से एक वरुणा के पुनरुद्धार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। नदी में चैनलाइजेशन (पानी के प्रवाह को नियंत्रित करना)के साथ ही उसके स्वरूप को वापस लाया जाएगा। वरुणा के उद्गम स्थल से लेकर खिड़किया घाट तक वरुणा नदी को अपने पुरातन स्वरूप में लौटाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है।
शासन की ओर से भूजल संरक्षण की योजना को धार देने में नदियों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए वरुणा नदी को पुनर्जीवित करने की तैयारियां चल रही हैं। इसके तहत वरुणा के उद्गम स्थल भदोही से गंगा-वरुणा संगम तक डिसिल्टिंग (सिल्ट हटाना )कराई जाएगी। इसके साथ ही वरुणा के तटवर्ती क्षेत्र में पौधरोपण करके हरित क्षेत्र भी विकसित होगा।
सुधरेगा भूजल का स्तर
वरुणा के किनारे जिले में आधा दर्जन से अधिक विकास खंड में कई जगहों पर वेटलैंड एरिया तैयार किया जाएगा। इससे भूजल का स्तर सुधरेगा और नदी का जलस्तर भी सामान्य हो जाएगा। जिले में आराजीलाइन, बड़ागांव, हरहुआ, काशी विद्यापीठ व सेवापुरी विकास खंड में वरुणा नदी के तट पर ग्राम पंचायतों में 100 मीटर पहले वेटलैंड एरिया विकसित किया जाएगा।
इसमें नालों से आने वाले पानी को बायोरेमेडिशन (पानी को शुद्ध की प्रक्रिया) के बाद डाला जाएगा। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि वरुणा के पुनरुद्धार की कार्ययोजना तैयार की गई है। उद्गम स्थल से खिड़किया घाट तक का स्वरूप बदल जाएगा।
लोहता क्षेत्र से वरुणा में मिलने वाले चारों नालों के पास भी वेटलैंड एरिया बनेगा। इससे जहां नदी सूख गई है या फिर संकरी हो गई है वहां का स्वरूप बदल जाएगा। वेटलैंड एरिया जहां भी निर्मित होता है वह भूजल स्तर को रिचार्ज करता है और नदी के किनारे बनता है तो उसके पुनरुद्धार में सहायक होता है।
2016 में शुरू हुआ था वरुणा नदी के सुंदरीकरण का काम
वरुणा नदी के सुंदरीकरण का काम 2016 में शुरू किया गया था। इसके तहत 201 करोड़ रुपये से नदी की सफाई, दोनों किनारे पर पाथवे, रेलिंग, लाइट, पौधरोपण, बैठने के लिए कुर्सियां व पांच घाट को पक्का बनाना था।
वरुणा कॉरिडोर के पॉथवे को वीडीए शहर के वैकल्पिक मार्ग के रूप में विकसित करने की योजना में है। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से पॉथवे को ई-रिक्शा कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस रास्ते को कचहरी से वाराणसी सिटी स्टेशन तक का दो पहिया और तीन पहिया के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
वरुणा का हाल
- लंबाई -20.6 किलोमीटर
- पांच विकास खंड के गांवों से होकर गुजरती है वरुणा
-41 ग्राम पंचायतों के किनारे तैयार होगा वेटलैंड एरिया