UP News: BHU में तीन साल बाद गठित होगी एक्जीक्यूटिव काउंसिल, राज्यमंत्री ने भेजा पत्र; संसद में उठा था मुद्दा
Varanasi News: बीएचयू में एक्जीक्यूटिव काउंसिल के गठन न होने को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के साथ ही आईएमएस बीएचयू के हृदय रोग विभाग के प्रोफेसर ओमशंकर भी अब तक कई बार आवाज उठा चुके हैं। प्रोफेसर ओमशंकर ने बिना काउंसिल के गठन के नियुक्ति, प्रमोशन सहित अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय, शैक्षणिक कार्यों को लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्णय पर सवाल उठाया था।
विस्तार
बीएचयू में तीन साल बाद एक्जीक्यूटिव काउंसिल का गठन होगा। इसको लेकर सदस्यों के नियुक्ति की प्रक्रिया सहित अन्य औपचारिकताओं के पूरा करने की प्रक्रिया शिक्षा मंत्रालय की ओर से शुरू कर दी गई है। बीएचयू के पूर्व छात्र और चंदौली से सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने इसी साल 09 अगस्त को इस मुद्दे को संसद में उठाया था।
इसके अलावा अब तक कई बार बीएचयू के प्रोफसर के साथ ही छात्र भी इस मुद्दे को लेकर समय-समय पर आवाज उठा चुके हैं। अब शिक्षा राज्यमंत्री ने सवाल के जवाब में पत्र भेजकर काउंसिल के सदस्यों के गठन की प्रक्रिया अंतिम दौर में होने की जानकारी दी है।
विश्वविद्यालय में एक्जीक्यूटिव काउंसिल सर्वोच्च बाडी मानी जाती है। इसमें विश्वविद्यालय के संस्थानों, संकायों, विभागों में होने वाली नियुक्तियों के साथ ही प्रमोशन, पाठयक्रम शुरू करने, दीक्षांत समारोह में पदक दिए जाने सहित अन्य शैक्षणिक फैसलों पर अंतिम मुहर लगाई जाती है।
शुरू हुआ प्रक्रिया
स्थिति यह है कि विश्वविद्यालय में जो एक्जीक्यूटिव काउंसिल इसके पहले गठित थी, उसका कार्यकाल 2021 में पूरा हो गया था। इसके बाद अब तक गठन नहीं हो सका है। अब जबकि वर्तमान कुलपति का कार्यकाल भी अगले साल जनवरी में पूरा हो जाएगा और नये कुलपति के चयन की प्रक्रिया भी शिक्षा मंत्रालय ने शुरू कर दी है।
इस बीच काउंसिल के गठन की कवायद शुरू गई है। इसको लेकर सपा सांसद ने लोकसभा में शून्य काल में जो मुद्दा उठाया था, उसमें यह कहा था कि तीन साल से अधिक समय से गठन नहीं हुआ। विश्वविद्यालय के संचालन के लिए काउंसिल का होना अनिवार्य है।
शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने सपा सांसद को भेजे पत्र में संसद में उठाए गए सवाल के जवाब में बताया है कि बीएचयू की कार्यकारी परिषद यानी एक्जीक्यूटिव काउंसिल में सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। शिक्षा राज्यमंत्री के इस पत्र के बाद माना जा रहा है कि विश्वविद्यालय में जल्द ही नई एक्जीक्यूटिव काउंसिल का गठन हो जाएगा।