64 की उम्र में लगाई दौड़: किसी ने 61 साल की उम्र में सबको हैरान किया, कक्षा तीन के बच्चे ने तो कमाल कर दिया
नई दिल्ली की 61 वर्षीय दीपशिखा कपूर पति अजय कपूर के साथ काशी आईं और 10 किलोमीटर तक दौड़ीं। वह कहती हैं कि बढ़ती उम्र में सेहत का विशेष खयाल रखना चाहिए। एक दिन की प्रैक्टिस से मैराथन में हिस्सा नहीं लिया जा सकता है। इसके लिए सतत प्रयास करने पड़ते हैं।
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उत्कर्ष स्माल फाइनेंस के उत्कृष्ठ मैराथन में रविवार को उम्र की सीमा टूट गई। पांच, दस और 21 किलोमीटर के मैराथन में साठ वर्ष से अधिक और दस वर्ष के बच्चे ने भी दौड़ लगाई। सबके फिटनेस के अपने-अपने राज हैं। कोई बेहतर खान-पान तो कोई अच्छी दिनचर्या से फिट है। दिल्ली से आए पति-पत्नी (दीपशिखा-अजय कपूर) ने अलग-अलग ग्रुप के लिए दौड़ लगाई तो खूब वाहवाही मिली। लोगों ने सेलिब्रिटी की तरह बात की और उनके साथ सेल्फी ली। ओलंपियन मैरीकॉम ने शाबाशी दी और उत्साह बढ़ाया।
उम्र 64 वर्ष, 21 किलोमीटर दौड़ लगाई
नई दिल्ली के अजय कपूर को 58 वर्ष के हुए तो फिटनेस का ख्याल आया। वह कहते हैं, वजन 93 किलोग्राम था। हाइपरटेंशन की चपेट में आ गया। तब लगा कि स्वास्थ्य के लिए कुछ करना चाहिए। लखनऊ में बैडमिंटन एकेडमी ज्वाइन की और रोजाना दो घंटे खेलना शुरू किया। दौड़ लगाने लगा। एक साल बाद वजन 70 किलोग्राम हो गया। 23 किलोग्राम वजन हो गया। साठ साल में सेवानिवृत्त हुआ तो दिल्ली जाकर बस गया, लेकिन दिनचर्या में कोई बदलाव नहीं किया। पत्नी के साथ नियमित वर्कआउट करता रहा।बैडमिंटन खेलते हैं। खुश रहते हैं। 64 वर्ष के हो गए हैं। पहली बार 21 किलोमीटर की मैराथन में दौड़े, लेकिन उत्साह बरकरार है। अभी दस किलोमीटर और दौड़ सकता हूं। स्वस्थ रहने में उम्र की कोई बाधा नहीं आती है। बेहतर खान-पान और दिनचर्या से अपना लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उम्र 61 साल, 10 किलोमीटर तक दौड़ीं दीपशिखा
नई दिल्ली की 61 वर्षीय दीपशिखा कपूर पति अजय कपूर के साथ काशी आईं और 10 किलोमीटर तक दौड़ीं। वह कहती हैं कि बढ़ती उम्र में सेहत का विशेष खयाल रखना चाहिए। एक दिन की प्रैक्टिस से मैराथन में हिस्सा नहीं लिया जा सकता है। इसके लिए सतत प्रयास करने पड़ते हैं। हर दिन 15 मिनट से आधे घंटे तक व्यायाम करना चाहिए। वजन संतुलित रखना चाहिए। जितना संतुलित शरीर रहेगा, उतना ही दौड़ने में आसानी होगी। सुबह उठने के बाद एक घंटा टहलती हूं। योग और प्राणायाम करती हूं। सुबह का नाश्ता हल्का रहता है। खाने में दाल, रोटी, सब्जी, दूध, दही खाते हैं।
30 किलोग्राम कम किया वजन, अब बिना थके दौड़ पूरी की
लखनऊ के विवेक पंडित ने 21 किलोमीटर की दौड़ 1 घंटे 41 मिनट में पूरी की है। उत्साहित विवेक ने कहा कि फिट रहने के लिए निश्चित उम्र नहीं होती है। नियमित व्यायाम और खानपान से स्वस्थ रहा जा सकता है। छह से सात महीने में 98 किलोग्राम वजन को 68 किलोग्राम किया है। स्टेडियम में 50 और 100 किलोमीटर तक दौड़ने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है। हर दिन सुबह उठने के बाद दो किलोमीटर चलने के बाद दौड़ लगाता हूं। जीवन में हर चीज बांट सकते हैं, लेकिन शिक्षा और सेहत को बांटा नहीं जा सकता है। सुबह छह बजे उठने के बाद व्यायाम करने, गरम पानी पीने के बाद योग, प्राणायाम भी जरूरी होता है। जहां तक खाने की बात है तो दिन में राजमा और चावल ( माड़ रहित) या फिर छोले चावल और शाम को चार रोटी सब्जी खाता हूं।
कक्षा तीन की पढ़ाई, 21 किलोमीटर दौड़ लगाई
ललितपुर से आए दस वर्षीय बादल जब मंच पर पहुंचे तो हर कोई अचंभित दिखा। बादल ने 21 किलोमीटर की दौड़ लगाई और यह दूरी 1 घंटा 52 मिनट में पूरी की। इस पर ओलंपियन मैरीकॉम ने बादल को शाबाशी दी और पुरस्कृत भी किया। बादल हर दिन पांच से दस किलोमीटर दौड़ लगाते हैं। सुबह उठने के बाद दूध पीना, जरूरत के हिसाब से फल खाना और दौड़ना नियमित दिनचर्या का हिस्सा है। उसकी बड़ी बहन (12 वर्षीय) इंदिरा ने 42 किलोमीटर की मैराथन में दौड़ लगाई थी। इसे देखकर प्रेरणा मिली और आगे बढ़ गया। इंदिरा को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भी मिल चुका है।