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बभनियांव में खोदाई: प्राचीन शिवमंदिर के पास छह खंभों के स्तंभ गर्त के अवशेष मिले, 3500 साल पुराना होने का अनुमान
Sun, 06 Mar 2022 11:40 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sun, 06 Mar 2022 11:40 PM IST
सार
जिस तरह से बभनियांव में स्तंभ गर्त मिलते जा रहे हैं, उससे यह कहा जा सकता है कि 3500 साल पहले लोगों ने मंदिर के प्रवेश द्वार को लकड़ी के खंभे से सुसज्जित किया था। अब इन पुरावशेषों की रिकार्डिंग, फोटोग्राफी कराई जा रही है।
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खोदाई में मिले चमकदार काली मिट्टी के बर्तन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी के बभनियांव में प्राचीन शिवमंदिर के पास चल रही खोदाई में रविवार को 3500 साल पहले के चमकदार व छिद्रदार काले रंगे के मिट्टी के बर्तन मिले हैं। इसमें कुछ गिलास के आकार तो कुछ बीकर के आकार वाले बर्तन हैं। अब बीएचयू के प्राचीन इतिहास व पुरातत्व विभाग की टीम इसके अध्ययन में जुट गई है।
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बभनियांव में 20 फरवरी से चल रही खोदाई में हर दिन कई पुरावशेष मिल रहे हैं। बीएचयू प्राचीन इतिहास विभाग के प्रो. अशोक सिंह ने बताया कि विभागाध्यक्ष प्रो. ओएन सिंह के निर्देशन में चल रही खोदाई में नए खोदाई स्थल पर ताम्र पाषाणकालीन मिट्टी के बर्तन, जानवरों की हड्डियां, छिद्रदार मिट्टी के बर्तन, काले प्रकार के बीकर और चमकदार काले रंग के गिलास भी मिले।
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जो पुरावशेष मिले हैं, वह 3500 साल पहले के हैं। इस प्रकार के बर्तन मध्य गंगा घाटी के अन्य पुरास्थलों, मिर्जापुर के अगियाबीर, गोरखपुर के नरहन, बलिया के खैराडीह, पक्का कोट में कराई गई खोदाई में भी मिल चुके हैं। इसके अलावा प्राचीन शिव मंदिर के प्रवेश द्वार पर चल रही खोदाई में रविवार को भी छह खंभों के स्तंभ गर्त के अवशेष मिले हैं।
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जिस तरह से यहां स्तंभ गर्त मिलते जा रहे हैं, उससे यह कहा जा सकता है कि 3500 साल पहले लोगों ने मंदिर के प्रवेश द्वार को लकड़ी के खंभे से सुसज्जित किया था। अब इन पुरावशेषों की रिकार्डिंग, फोटोग्राफी कराई जा रही है।